झारखंड के 400 मजदूर सोलौनी बॉर्डर पर फंसे, वीडियो जारी कर लगाई मदद की गुहार
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झारखंड के 400 मजदूर सोलौनी बॉर्डर पर फंसे, वीडियो जारी कर लगाई मदद की गुहार
झारखंड के 400 मजदूर सोलौनी बॉर्डर पर फंसे हुए हैं.

मजदूरों (Laborers) ने सूची जारी की है. जिसमें उनके नाम और पते लिखे हुए हैं. फिलहाल ये सभी नेपाल (Nepal) और यूपी के बॉर्डर सोनौली में मौजूद हैं.

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पलामू. झारखंड के पलामू और गढ़वा जिले के लगभग 400 प्रवासी मजदूर (Laborers) नेपाल में फंसे हुए हैं. दरअसल ये सभी मजदूर सीजी सीमेंट प्लांट सरदेवा, जिला पल्पा, नेपाल (Nepal) में काम कर रहे थे. लेकिन लॉकडाउन (Lockdown) के कारण प्लांट बंद होने की वजह से घर वापस आना चाहते हैं. पिछले एक सप्ताह से ये प्रवासी मजदूर नेपाल में कभी पैदल चल रहे हैं, तो कभी पुलिस वाले उन्हें रोक दे रहे हैं. फिलहाल प्रवासी मजदूरों ने वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) से मदद की गुहार लगाई है.

पलामू और गढ़वा जिले के हैं मजदूर 

सभी मजदूर पलामू और गढ़वा जिले के हैं. और पिछले एक साल से सीजी सीमेंट प्लांट सरदेवा, जिला पल्पा, नेपाल में काम कर रहे थे. इन मजदूरों ने सूची भी जारी की है. जिसमें नाम और पता लिखा हुआ है. सभी पैदल निकल पड़े थे, मगर नेपाल प्रशासन ने बॉर्डर पर ही रोका है. फिलहाल ये सभी नेपाल और यूपी के बॉर्डर सोनौली में मौजूद हैं.



सोनौली बॉर्डर पर फंसे मजदूर 
दरअसल इन मजदूरों को नेपाल प्रशासन ने यह कहकर बॉर्डर पर रोका है कि उनके प्रदेश की सरकार अनुमति दे और वाहन उपलब्ध कराए, तो उन्हें वापस भेजा जा सकता है. प्रवासी मजदूरों की माने तो बार-बार नेपाल प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी उन्हें नहीं भेजा जा रहा है. सीमेंट प्लांट के मालिक से घर वापसी के लिए गुहार लगाने के बाद प्रवासी मजदूर को जब कोई व्यवस्था नहीं मिली, तो पैदल ही जंगलों के रास्ते सीमा पर पहुंच गए. मगर बॉर्डर पर नेपाल पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोक लिया. एक सप्ताह से लगातार पैदल चलने और रास्ते में खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण कई मजदूरों की हालत खराब हो गई.

रिपोर्ट- नीलकमल 

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