पलामू टाइगर रिजर्व में बाघ न होने की बात गलत, 3 बाघों की मौजूदगी के मिले पुख्ता प्रमाण

हाल में ऐसी अफवाह उड़ी कि पलामू टाइगर रिजर्व में बाघ नहीं है.

Palamu Tiger Reserve: पलामू टाइगर रिजर्व में बाघ और बाघिन दोनों के मूवमेंट रिकॉर्ड किये गये. जिससे वन विभाग की पूरी टीम उत्साहित है.

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    रिपोर्ट- संजय भारती

    पलामू. हाल के दिनों में ऐसी अफवाह उड़ी कि पलामू टाइगर रिजर्व (Palamu Tiger Reserve) में एक भी बाघ नहीं है. जिसका रिजर्व के अधिकारियों ने खंडन किया है. साथ ही ये दावा किया कि पलामू टाइगर रिजर्व में एक नहीं, बल्कि तीन बाघ होने के अनुमान हैं. जिसमें एक बाघिन भी है. अधिकारियों के मुताबिक रिजर्व के कोर एरिया में बाघ के पंजों के निशान मिले हैं, जो इस बात की पुष्टि करता है कि यहां अब भी बाघ मौजूद हैं. कुछ दिनों पहले ही बाघों की चहलकदमी के पुख्ता निशान मिले.

    टाइगर रिजर्व में बाघ और बाघिन दोनों के मूवमेंट रिकॉर्ड किये गये. जिससे वन विभाग की पूरी टीम उत्साहित है. बाघों की संख्या में बढोतरी के लिए वन विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं. मध्य प्रदेश के पन्ना एवं बांधवगढ़ नेशनल पार्क से बाघों को पलामू टाइगर रिजर्व में लाने की योजना बनाई गई है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा.

    पलामू टाइगर रिज़र्व के अंदर काफी संख्या में वन्यजीव रहते हैं, जिसमें बाघ, हाथी, बाइसन, हिरण, तेंदुआ, लंगूर, बंदर शामिल हैं. इनमें बंदर और हिरण की संख्या पार्क में सबसे अधिक है.

    पलामू टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर कुमार आशुतोष ने कहा कि अभी पार्क के कोर एरिया में मानवीय गतिविधिय बहुत अधिक है. जिनमें रेल परिचालन और सड़क परिवहन भी शामिल हैं. यदि इन दोनों का बाइपास बना दिया जाए, तो पार्क के अंदर जानवरों की संख्या में काफी इजाफा होगा. जिससे झारखंड में टूरिज्म को बल मिलेगा.

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