लाइव टीवी

स्ट्रॉबेरी की खेती कर किस्मत 'लाल' कर रहे यहां के किसान, कोलकाता-पटना तक होती है सप्लाई
Palamu News in Hindi

News18 Jharkhand
Updated: February 14, 2020, 6:04 PM IST
स्ट्रॉबेरी की खेती कर किस्मत 'लाल' कर रहे यहां के किसान, कोलकाता-पटना तक होती है सप्लाई
पलामू के हरिहरगंज प्रखंड में बड़े पैमाने पर स्ट्रॉबेरी की खेती हो रही है.

किसानों की माने तो यहां की स्ट्रॉबेरी कोलकाता, सिलीगुड़ी, पटना और रांची के बाजारों तक पहुंच रहे हैं. इससे उन्हें अच्छी कमाई हो रही है. इस दिशा में सरकारी मदद मिल जाए, तो सोने पर सुहागा हो जाएगा.

  • Share this:
पलामू. जिले के किसान (Farmer) हर साल सुखाड़ (Drought) की मार झेलते हैं. लेकिन हरिहरगंज प्रखंड के किसान स्ट्रॉबेरी की खेती (Strawberries Cultivation) से अपनी किस्मत बदल रहे हैं. यहां की स्ट्रॉबेरी कोलकाता, पटना और सिलीगुड़ी तक भेजी जाती है. इससे किसान लाखों की कमाई कर रहे हैं. अब तो ग्राहक इनके खेतों तक स्ट्रॉबेरी खरीदने पहुंच रहे हैं.

पिछले दो सालों से जिले के हरिहरगंज प्रखंड में बड़े पैमाने पर स्ट्रॉबेरी की खेती हो रही है. यहां के किसान टपक सिंचाई विधि से इसकी खेती कर रहे हैं. किसानों की माने तो यहां की स्ट्रॉबेरी कोलकाता, सिलीगुड़ी, पटना और रांची के बाजारों तक पहुंच रहे हैं. इससे उन्हें अच्छी कमाई हो रही है. इस दिशा में सरकारी मदद मिल जाए, तो सोने पर सुहागा हो जाएगा.

अन्य प्रखंडों के किसानों ने भी शुरू की स्ट्रॉबेरी की खेती

हरिहरगंज के किसानों से प्रभावित होकर अब हुसैनाबाद और अन्य प्रखंड के किसान ने भी स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की है. स्ट्रॉबेरी खरीदने बिहार से हरिहरगंज पहुंचीं सोनी सिंह ने कहा कि बाजारों में महंगे दामों में बिकने वाली स्ट्रॉबेरी यहां डेढ़ सौ से दो सौ रुपये किलो में मिल जाती है. पहले पटना और रांची के बाजारों में स्ट्रॉबेरी बहुत कम नजर आती थी. लेकिन अब स्थानीय स्तर पर खेती होने से यह सस्ता और बड़े पैमाने पर उपलब्ध है. सरकार को इन किसानों को सहयोग करना चाहिए.

अब तो ग्राहक खेतों तक पहुंचकर स्ट्रॉबेरी खरीदते हैं
अब तो ग्राहक खेतों तक पहुंचकर स्ट्रॉबेरी खरीदते हैं


जिले के उपायुक्त डॉ शांतनु अग्रहरि का कहना है कि किसानों को खेती में सुविधा मिले, इसके लिए उन्हें सिंचाई में सब्सिडी दी जा रही है. स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले किसानों को जरूरी मदद दी जाएगी. जिससे इस क्षेत्र में पलामू की नई पहचान बन सके.

रिपोर्ट- नीलकमलये भी पढ़ें- खून के चलते रूका हुआ था मरीज का इलाज, स्वास्थ्य मंत्री ने अपना खून देकर शुरू करवाया

 

 

 

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पलामू से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 14, 2020, 6:02 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर