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झारखंड: कुपोषण अभियान पर लॉकडाउन की मार, बच्चों व महिलाओं को नहीं मिला पोषक आहार

झारखंड: कुपोषण अभियान पर लॉकडाउन की मार, बच्चों व महिलाओं को नहीं मिला पोषक आहार

झारखंड में कुपोषण का ग्राफ बढ़ने की आशंका जताई गई.

झारखंड में कुपोषण का ग्राफ बढ़ने की आशंका जताई गई.

कोरोना महामारी के चलते कई तरह की समस्याएं पैदा हुई हैं. लॉकडाउन के कारण कुपोषण के नज़रिये से संवेदनशील राज्य झारखंड में न तो गर्भवती महिलाओं को आंगनवाड़ी से सुविधा मिल पाई, न ही बच्चों मॉनिटरिंग संभव हुई.

    संजय भारती

    पलामू. लॉकडाउन के कारण झारखंड में पोषण अभियान पर बुरा असर पड़ा है. आंगनवाड़ी सेंटरों के बंद होने से बच्चों में कुपोषण का स्तर कितना है, इसकी मॉनिटरिंग तक नहीं हो पा रही है. हालांकि लॉकडाउन के दौरान आंगनवाड़ी सेविकाओं को घर घर जाकर पोषण के स्तर को जांचने के निर्देश दिए गए, लेकिन यह काम नहीं हो सका. पलामू ज़िले के फैक्ट इसकी बानगी पेश कर रहे हैं. आंगनवाड़ी स्तर पर जितने लाभ महिलाओं और बच्चों को मिलते थे, उनमें से कोई भी लोगों तक पहुंच नहीं सका. इन तमाम स्थितियों के चलते ज़िले में कुपोषण संबंधी ब्योरे बिगड़ चुके हैं और आने वाले दिनों में गंभीर आशंकाएं जन्म ले रही हैं.

    आंगनवाड़ी सेंटरों में गर्भवती महिलाओं को दिया जाने वाला पौष्टिक आहार ज़रूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है, तो सेंटरों में होने वाली कई योजनाएं इस महामारी में प्रभावित हैं. घर घर राशन पहुंचाने का काम ज़िले के अधिकतर इलाकों में बंद है. कुछ गांवों में लोग खुद ही आंगनवाड़ी सेविका के घर जाकर राशन ले रहे हैं. कुपोषित बच्चों की देखभाल हर स्तर पर बंद है. आंगनवाड़ी सेविकाएं खुद स्वीकार रही हैं कि घर घर जाकर मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है.

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    कुपोषण की योजनाओं का हाल
    आंगनवाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं के लिए मिलने वाला पौष्टिक हलवे का वितरण बंद है, जिससे ग्रामीण इलाकों की गर्भवती महिलाओं में प्रोटीन की कमी ज्यादा होने की खबरें हैं. ग्रामीण इलाकों में रोज़गार जाने और आर्थिक तंगी के चलते महिलाओं और बच्चों में पोषण की भारी कमी है. इधर, लॉकडाउन का बहाना बनाकर सरकारी योजनाएं खस्ताहाल हैं. जानकार कह रहे हैं कि इन सब बातों का नतीजा यह हो सकता है कि आने वाले दिनों में कुपोषण और प्रसव के दौरान होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ जाए.

    Tags: Jharkhnad news, Nutritious diet, Palamu news

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