लाइव टीवी

पलामू लोकसभा सीट: बीजेपी और आरजेडी के उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर

News18 Jharkhand
Updated: May 10, 2019, 1:29 AM IST
पलामू लोकसभा सीट: बीजेपी और आरजेडी के उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर
पलामू किले की तस्वीर

पलामू लोकसभा सीट दो जिलों के कुछ हिस्सों को मिलाकर बनी है. इस जिले का मुख्यालय मेदनीनगर है.

  • Share this:
पलामू लोकसभा सीट दो जिलों के कुछ हिस्सों को मिलाकर बनी है. इस जिले का मुख्यालय मेदनीनगर है. इसे डाल्टनगंज के नाम से भी जाना जाता है. सत्रहवीं सदी में चेरो राजा का यहां पर शासन था. यहां पर चेरो राजा अनंत राय ने लंबे समय तक राज किया. पलामू के किलों में से पुराने किले का निर्माण इसी राजा ने करवाया था. जंगलों-पहाड़ों से घिरा पलामू क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक-पौराणिक स्थलों से परिपूर्ण है. यहीं पर पौराणिक भीम चूल्हा है.

पलामू के जनजातीय समुदाय पवित्र वनों की पूजा करते हैं (सरणा पूजा). वे करम वृक्ष को पवित्र मानते हैं और साल में एक बार करमा पूजा के अवसर पर उसकी आराधना करते हैं. हाथी, कछुआ, सांप आदि अनेक जीव-जंतुओं की भी पूजा होती है. इन प्राचीन मान्यताओं के कारण सदियों से यहां की जैविक विविधता पोषित होती आ रही है.

कौन हैं प्रत्याशी

पलामू लोकसभा सीट से इस बार भी बीजेपी ने विष्णु दयाल राम को उतारा है. वो वर्तमान में पलामू सीट से सांसद हैं. वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से घूरन राम चुनाव मैदान में हैं. इस बार पलामू लोकसभा सीट से 19 उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की है.

विष्णु दयाल राम


चुनाव में दिए गए हलफनामे के मुताबिक, सांसद विष्णु दयाल राम के पास 2.47 करोड़ की संपत्ति है. इसमें 2.02 करोड़ की चल संपत्ति और 45 लाख की अचल संपत्ति शामिल है. विष्णू दयाल राम पुलिस अधिकारी थे और राजनीति में आने से पहले होम गार्ड विभाग के डीजीपी पद से रिटायर हुए थे.

इस संसदीय सीट पर 19 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं. मुख्य रूप से मुकाबला तो जाहिर तौर पर एनडीए प्रत्याशी विष्णुदयाल राम और महागठबंधन के प्रत्याशी नेता घूरन राम के बीच है. बाकियों में माले से सुषमा मेहता, बहुजन समाज पार्टी से अंजना भुइयां हैं.
Loading...

पिछले चुनाव में कैसा था मिजाज

साल 2014 के चुनाव में बीजेपी के विष्णु दयाल राम ने करीब 2 लाख 50 हजार से ज्यादा मतों से आरजेडी के मनोज कुमार को हराया था. विष्णु दयाल राम को करीब 4 लाख 76 हजार वोट और मनोज कुमार को करीब 2 लाख 12 हजार वोट मिले थे. यहां से बीजेपी पहली बार 1991 में जीती थी. उसके बाद पूरे दशक बीजेपी का दबदबा रहा. 2004 में राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर मनोज कुमार और 2006 के उपचुनाव में उसके ही टिकट पर घूरन राम जीते. 2009 में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कामेश्वर बैठा जीते. 2014 में बीजेपी के विष्णू दयाल राम जीतकर संसद पहुंचे.

आरजेडी प्रत्याशी घूरन राम


सामाजिक समीकरण

इस लोकसभा सीट के तहत सात विधानसभा सीटें हैं - डाल्टनगंज, गरहवा, भगवंतपुर, बिस्वरामपुर, छतरपुर, हुसैनाबाद. इनमें छतरपुर अनुसूचित जाती के लिए आरक्षित है. 2014 में हुए आम चुनाव के दौरान इस सीट पर मतदाताओं की संख्या करीब 16.45 लाख थी, जिसमें 8.90 लाख पुरुष मतदाता और 7.55 लाख महिला मतदाता शामिल थे.

पलामू का जनसमुदाय मुख्यतः जनजातीय है. प्रमुख जनजातियों में खेरवार, चेरो, मुंडा, उरांव, बिरजिया और बिरहोर शामिल हैं. 2011 की जनगणना के मुताबिक पलामू जिले की जनसंख्या है 2,436,319.

ये भी पढ़ें:

Lok Sabha Election 2019: 'कोयले की राजधानी' में क्या तीसरी बार खिलेगा 'कमल'?

Lok Sabha Election 2019: झारखंड के 'शिमला' में क्या जयंत सिन्हा खिला पाएंगे कमल?

कोडरमा लोकसभा सीट: पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी के सामने वापस सीट पाने की चुनौती

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पलामू से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: May 10, 2019, 1:29 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...