Home /News /jharkhand /

झारखंड के कृषि वैज्ञानिक को इंटरनेशनल अवार्ड, फसली कीटों पर 32 साल के रिसर्च का इनाम

झारखंड के कृषि वैज्ञानिक को इंटरनेशनल अवार्ड, फसली कीटों पर 32 साल के रिसर्च का इनाम

Jharkhand News: डॉक्‍टर नजरूसलाम पलामू स्थित क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र में कार्यरत हैं. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

Jharkhand News: डॉक्‍टर नजरूसलाम पलामू स्थित क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र में कार्यरत हैं. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

Palamu News: पलामू के क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र में कार्यरत डॉक्‍टर नजरूसलाम ने फसलों में लगने वाले कीटों पर व्‍यापक अध्‍ययन किया है. साथ ही कीटों को नियंत्रित करने के उपाय भी तलाशे हैं. कृषि क्षेत्र में उनके उल्‍लेखनीय काम के लिए उत्‍तराखंड के श्री गुरु रामराय विश्‍वविद्यालय (देहरादून) में आयोजित इंटरनेशनल कांफ्रेंस में उन्‍हें अवार्ड देकर सम्‍मानित किया गया.

अधिक पढ़ें ...

    रिपोर्ट – संजय भारती

    पलामू. झारखंड के लिए गर्व का पल है. पलामू में स्थित क्षेत्रीय कृषित अनुसंधान केंद्र (चियांकी) में बतौर कृषि वैज्ञानिक कार्यरत डॉक्‍टर नजरूसलाम को अंतरराष्‍ट्रीय अवार्ड से सम्‍मानित किया गया है. उन्‍हें यह सम्‍मान फसलों में लगने वाले कीटों पर अध्‍ययन कर उल्‍लेखनीय सफलता हासिल करने को लेकर दिया गया है. वैज्ञानिक और असिस्‍टेंट प्रोफेसर डॉ. नजरूसलाम को इंटरनेशनल आउटस्‍टैंडिंग अचीवमेंट अवार्ड 2021 प्रदान किया गया है. डॉ. नजरूसलाम फसलों को कीटों से बचाने को लेकर बड़ी तादाद में किसान भाइयों को सलाह देकर उपज बढ़ाने में उनकी मदद कर चुके हैं. इस दिशा में उल्‍लेखनीय काम करने के लिए ही उन्‍हें यह अवार्ड दिया गया है.

    जानकारी के अनुसार, एग्रीकल्चर एंड एनवायरमेंट टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सोसायटी, उत्तराखंड की ओर से श्री गुरु रामराय विश्वविद्यालय (देहरादून) में तृतीय अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया था. इस कांफ्रेंस का विषय ‘खाद्यान्न सुरक्षा, पर्यावरण सुरक्षा एवं टिकाऊ विकास के लिए कृषि वानिकी एवं व्यावहारिक विज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक पहल’ थी. इस सम्‍मेलन में भारत सहित चीन, ईरान, तुर्की, सीरिया, बांग्लादेश और मलेशिया के करीब 500 कृषि वैज्ञानिकों ने भाग लिया था. इस कांफ्रेंस में डॉक्टर नजरूसलाम को कीट विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए अवार्ड दिया गया.

    कीटों को नियंत्रित करने का बताया उपाय

    पलामू के चियांकी स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में डॉक्टर नजरूसलाम कार्यरत हैं. उन्होंने पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा समेत पूरे झारखंड में फसलों में लगने वाले कीटों का अध्ययन कर उनके नियंत्रण के बारे में किसान भाइयों को जागरूक किया है. उनके शानदार योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया है. धान, दलहन, तिलहन समेत कई फसलों पर लगने वाले खतरनाक कीटों की जानकारी उन्होंने इकट्ठा की है.

    रांची में वसूली का धंधा: दबंगों ने सब्‍जी की हर टोकरी और बोरी का फिक्‍स कर दिया है रेट, सड़के पर उतरे परेशान विक्रेता 

    32 साल से फसली कीट पर अध्‍ययन

    डॉक्टर नजरूसलाम पिछले 32 साल से कृषि विज्ञान के क्षेत्र में अपनी सेवा दे रहे हैं. वह 2013 से पलामू के चियांकी स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में कार्यरत हैं. कीटों को लेकर उनका अध्ययन लगातार जारी है उन्होंने कहा कि किसानों की बेहतरी के लिए आगे भी अपना शोध कार्य जारी रखेंगे.

    धान की फसल में लगते हैं खतरनाक कीट

    कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर नजरूसलाम ने बताया कि झारखंड की मुख्य फसल धान है और धान में कई तरह के कीड़े लगते हैं. धान की फसल में तनाछेदक, पत्रलपेटक, गंदीबग जैसे कीटों का आक्रमण इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा होता है.

    Tags: Jharkhand news, Palamu news

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर