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Live Video देखें: 6 माह की बच्ची के गले में फंसा प्लास्टिक का बल्व, असहनीय पीड़ा से गुजर रही मासूम की बची जान

Live Video देखें: 6 माह की बच्ची के गले में फंसा प्लास्टिक का बल्व, असहनीय पीड़ा से गुजर रही मासूम की बची जान

पलामू में छह महीने की बच्ची ने प्लास्टिक का बल्व निगलने की कोशिश की जिसे बाद में डॉक्टरों ने निकाला.

पलामू में छह महीने की बच्ची ने प्लास्टिक का बल्व निगलने की कोशिश की जिसे बाद में डॉक्टरों ने निकाला.

Palamu News: परिजनों ने बताया कि अनजाने में प्लास्टिक का बल्व बच्ची के हाथ लग गया और उसने इसे निगलने का प्रयास किया. बल्व अटकने के बाद बच्ची को असहनीय पीड़ा होने लगी. पहले तो स्वयं ही परिजनों ने गले में अटका बल्व निकालना चाहा, लेकिन नहीं निकाल पाए. बच्ची की जान पर खतरा देख घरवालों ने तुरंत हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल लाया जहां पर ड्यूटी में उपस्थित डॉक्टर विकास कुमार एवं सहयोगी कर्मियों के अथक प्रयास से बच्ची के गले से प्लास्टिक के बल्ब को निकाला गया.

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    पलामू. कभी-कभी हमारी छोटी सी भूल या चूक बड़े खतरे को बुलावा दे सकता है. ऐसा ही मामला पलामू जिला के हुसैनाबाद स्थित घोड़बन्धा गांव से सामने आया है जहां 6 महीने की एक बच्ची ने प्लास्टिक का बल्व निगलने की कोशिश की जिसके बाद उसकी जान पर बन आ गई. मामले के बारे में जो जानकारी मिली है उसके अनुसार घोड़बन्धा निवासी सतेंद्र राम की छः महीने की बच्ची प्रिया कुमारी खेलने के क्रम में लगभग दो इंच की प्लास्टिक का बल्ब गलती से निकल गयी जो गले में फंस गया. गले में प्लास्टिक का बल्ब अटक जाने से बच्ची को असहनीय पीड़ा होने लगी. आनन-फानन में परिजनों ने तुरंत छह माह की प्रिया को हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर विकास कुमार एवं उनके सहयोगियों ने अथक प्रयास करते हुए प्लास्टिक के बल्ब को सफलतापूर्वक बच्ची के गले से बाहर निकाला.

    हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल की कामयाबी से परिजन बहुत खुश हैं और उन्होंने अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों की जमकर तारीफ की. परिजनों ने बताया कि अनजाने में प्लास्टिक का बल्व बच्ची के हाथ लग गया और उसने इसे निगलने का प्रयास किया. बल्व अटकने के बाद बच्ची को असहनीय पीड़ा होने लगी. पहले तो स्वयं ही परिजनों ने गले में अटका बल्व निकालना चाहा, लेकिन नहीं निकाल पाए.

    परिजनों ने बताया की मासूम बच्ची की जान पर खतरा देख घरवालों ने तुरंत हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल लाया जहां पर ड्यूटी में उपस्थित डॉक्टर विकास कुमार एवं सहयोगी स्टाफ हसन अली के अथक प्रयास से बच्ची के गले से प्लास्टिक के बल्ब को निकाला गया. बच्ची सुरक्षित बताई जा रही है.

    प्लास्टिक के बल्ब को जब डॉक्टरों ने बाहर निकाला तब सभी लोग आश्चर्यचकित हो गए. बल्ब लगभग दो इंच लंबा था. समय रहते छह माह की प्रिया कुमारी की जान हुसैनाबाद अस्पताल के चिकित्सकों व कर्मचारियों ने बचा ली. बच्ची के पिता सत्येंद्र राम ने कहा कि डॉक्टरों ने आज बेटी की जान बचा ली.

    परिजनों ने कहा कि जिस तरह से आत्मीयता के साथ सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों व कर्मियों ने बच्ची की जान बचाने के लिए तत्परता दिखाई इससे हमारी धारणा सरकारी व्यवस्था के प्रति बदल गई है. अब किसी भी इलाज के लिए हम इसी अस्पताल में आएंगे. बच्ची के माता-पिता एवं आम लोगों ने डॉक्टर विकास कुमार के साथ ही अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का आभार व्यक्त किया व मानवता की मिसाल बताया.

    Tags: Jharkhand news, Palamu news

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