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इंदिरा आवास और नौकरी के नाम पर गरीबों से ठगी

इंदिरा आवास और नौकरी के नाम पर गरीबों से ठगी

इंदिरा आवास और नौकरी दिलाने के नाम पर राजधानी के हजारों गरीबों से लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है.

इंदिरा आवास और नौकरी दिलाने के नाम पर राजधानी के हजारों गरीबों से लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है.

इंदिरा आवास और नौकरी दिलाने के नाम पर राजधानी के हजारों गरीबों से लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है.

Displaying vlcsnap-2016-02-26-10h13m27s65.pngइंदिरा आवास और नौकरी दिलाने के नाम पर राजधानी के हजारों गरीबों से लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है. एक महीने के भीतर इंदिरा आवास की राशि बैंक खाते में आने का झांसा देकर आरोपी फरार हो गए. एक एक रूपये जुटाकर पैसे इकठ्ठा करने वाले पीड़ित गरीब डर से पुलिस के पास भी नहीं जा रहे. मिली जानकारी के मुताबिक प्रकाश नाम का व्यक्ति जो खुद को धुर्वा निवासी बताता था, राजधानी की कई बस्तियों में जा कर गरीबों को बहला- फुसला कर किसी से बेटे की नौकरी दिलाने के नाम पर तो किसी को इंदिरा आवास दिलाने के नाम पर पैसे वसूले. ये वसूली पंद्रह सौ से पचास हजार तक की है.

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प्रकाश की बातों में आकर राजधानी की कई बस्ती के लोगों ने उसे पैसे देना शुरू कर दिया. बदले में वो इंदिरा आवास की जाली सरकारी रसीद देने लगा. इतना ही नहीं, बैंक की ओर से फेक मैसेज सभी बस्ती वालों को किया गया. जिसके झांसे में भोले-भाले लोग आ गए. मैसेज में कहा गया कि एकाउंट में एक लाख सत्तर हजार रुपए आ गए हैं. नौकरी और आवास का ख्वाब सजाए लोगों को एक साल के इंतजार के बाद अहसास हुआ कि वो ठगे लिए गए हैं. इसके बाद पूरी बस्ती में हाहाकार मच गया.

एक पीड़ित महिला ने बताया कि सूद पर उठा कर प्रकाश को पैसे दिए गए थे जिसका सूद अभी भी तक चुकाया जा रहा है. वहीं एक अन्य पीड़िता ने बताया कि पिताजी को ठग ने बेटे की अच्छी नौकरी का ख्वाब दिखा कर तीस हजार रुपए वसूले. साथ ही इंदिरा आवास के नाम पर 18000 रुपए ले लिए. उसके बाद से उसका फोन स्वीच ऑफ है. कई ने बताया कि दिन रात मजदूरी करके, घरों में झाड़ू पोछा कर और उधार मांग कर किसी तरह प्रकाश को पैसे दिए थे ताकि उन्हें एक आशियाना मिल सके. सच्चाई जानने के बाद उन्होंने पुलिस के पास जाने की सोची तो शातिर ठग ने गरीबों को धमकाना शुरू किया जिसके बाद पीड़ित थाने में रपट भी नहीं लिखा पाए.

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पूरे मामले पर जब ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा से बात की गई और उन्हें बताया गया कि गांवों की बात छोड़िए, विधानसभा के आसपास की बस्तियों के लोगों को इंदिरा आवास और नौकरी के नाम पर ठगा जा रहा है तो मंत्री जी ने संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई की बात दोहराई. वहीं विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि पूरे राज्य में बिचौलियों का बोलबाला है. हर जगह गरीब ठगे जा रहे हैं. लेकिन राज्य सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.

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बहरहाल, सरकारी योजनाओं का फायदा गरीबों को भले ना मिले, लेकिन ठग और बिचौलिए इसका पूरा लाभ उठा रहे हैं. जिसपर शिकंजा कसने में राज्य सरकार लगातार सिफर साबित हो रही है. इस बार देखने वाली बात होगी कि ग्रामीण विकास मंत्री संज्ञान में आने के बाद कौन सा कदम उठाते हैं ताकि कोई गरीब ठगा न जाए.

Tags: Government jobs, झारखंड, रांची

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