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हाय रे व्यवस्था! 21 लाख का स्वास्थ्य केन्द्र 8 साल में हो गया जर्जर, लेकिन चालू नहीं हो पाया

हाय रे व्यवस्था! 21 लाख का स्वास्थ्य केन्द्र 8 साल में हो गया जर्जर, लेकिन चालू नहीं हो पाया

गांव में स्वास्थ्य केंद्र रहते हुए भी ग्रामीणों को इलाज के 40 किमी दूर जाना पड़ता है.

गांव में स्वास्थ्य केंद्र रहते हुए भी ग्रामीणों को इलाज के 40 किमी दूर जाना पड़ता है.

Ramgarh News: सिविल सर्जन ने कहा कि किन परिस्थितियों में अब तक अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं उपलब्ध हो सकी हैं, इसकी जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि हर हाल में ग्रामीणों को अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश होगी.

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    रिपोर्ट- जावेद खान

    रामगढ़. रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड के सुदूरवर्ती मंझलाचुम्बा गांव में 21 लाख की लागत से बने स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटका हुआ है. इस भवन का निर्माण आठ वर्ष पूर्व 2012-13 में कराया गया था. ग्रामीणों को उम्मीद थी की गांव में ही उनका इलाज हो सकेगा. लेकिन उद्घाटन तो दूर अब ये स्वास्थ्य केंद्र खुद ही बीमार हो गया है. भवन के खिड़की- दरवाजे टूट गये हैं. इसमें झाड़ियों का बसेरा हो गया है.

    छोटी बीमारी के इलाज के लिए भी मांडू-रामगढ़ दौड़ लगाते हैं ग्रामीण

    छोटी बीमारी होने पर भी ग्रामीणों को 40 किलोमीटर दूर मांडू प्रखंड पीएचसी या 30 किलोमीटर दूर रामगढ़ सदर अस्पताल जाना पड़ता है. कई बार रोगी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं. ऐसे में सरकारी राशि खर्च कर भवन बनाये जाने पर सवाल उठना लाजिमी है.

    क्या कहते हैं सिविल सर्जन

    रामगढ के सिविल सर्जन प्रभात कुमार ने मंझला चुम्बा के बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्र को चालू करने के बाबत कहा कि वे दो दिनों के अंदर भवन का निरीक्षण करेंगे और जल्द वहां स्वास्थ्य सुविधाओं को बहाल करवाएंगे. ताकी ग्रामीणों को गांव में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके.

    सिविल सर्जन ने कहा कि किन परिस्थितियों में अब तक अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं उपलब्ध हो सकी हैं, इसकी भी जांच करेंगे. उन्होंने कहा कि हर हाल में ग्रामीणों को अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश होगी.

    Tags: Jharkhand news, Ramgarh news

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