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साइबर अपराधियों को डर नहीं लगता है क्या? छठी बार बनाया DC माधवी मिश्रा का फेक व्हाट्सएप अकाउंट

साइबर अपराधियों को डर नहीं लगता है क्या? छठी बार बनाया DC माधवी मिश्रा का फेक व्हाट्सएप अकाउंट

साइबर ठगों ने एक बार फिर रामगढ़ डीसी माधवी मिश्रा के नाम पर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर लोगों को गुमराह करना शुरू कर दिया है.

साइबर ठगों ने एक बार फिर रामगढ़ डीसी माधवी मिश्रा के नाम पर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर लोगों को गुमराह करना शुरू कर दिया है.

Jharkhand News: साइबर ठगों ने एक बार फिर रामगढ़ डीसी माधवी मिश्रा के नाम पर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर लोगों को गुमराह करना शुरू कर दिया है. बताया जाता है कि 21 दिनों के अंदर साइबर ठगों ने तीसरी बार और डीसी की रामगढ़ में पोस्टिंग के बाद छठी बार ऐसा किया है.

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हाइलाइट्स

रामगढ़ में साइबर अपराधी बार-बार प्रशासनिक अधिकारियों के नाम पर फेक सोशल मीडिया अकाउंट बना रहे हैं.
साइबर ठगों ने एक बार फिर रामगढ़ डीसी माधवी मिश्रा के नाम पर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया है.

रिपोर्ट-जावेद खान
रामगढ़. ऐसा लगता है कि झारखंड के रामगढ़ जिले में साइबर अपराधियों के बीच पुलिस का खौफ नहीं है. तभी तो साइबर अपराधी बार-बार प्रशासनिक अधिकारियों के फेक सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर पुलिस को चुनौती दे रहे हैं. दरससल साइबर ठगों ने एक बार फिर रामगढ़ डीसी माधवी मिश्रा के नाम पर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर लोगों को गुमराह करना शुरू कर दिया है. बताया जाता है कि 21 दिनों के अंदर साइबर ठगों ने तीसरी बार और उपायुक्त के यहां पदास्थापना के बाद छठी बार उनके नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फेंक व्हाट्सएप अकाउंट बनाने की हिमाकत की है.

इस बार साइबर ठगों ने 8684957543 नंबर से 16 अगस्त को फेक व्हाट्सएप पर अकाउंट बनाकर लोगों को गुमराह करना शुरू किया. हालांकि समय रहते उपायुक्त माधवी मिश्रा ने लोगों से इस नंबर से किसी तरह का मैसेज या फोन आने पर रिप्लाई नहीं देने की अपील की. ऐसे में साइबर ठगों का मनोबल कितना बढ़ गया है  ये इस मामले को देख कर समझा जा सकता है.साइबर ठग अब आम लोगों को ही नही बल्कि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के नाम पर फेक व्हाट्सएप अकाउंट और फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों को ठगने के प्रयास में जुट गए हैं.

पिछले महीने भी आया था ऐसा मामला 

साइबर ठगों ने ऐसा 21 दिनों में तीसरी बार और उपायुक्त माधवी मिश्रा के रामगढ में पोस्टिंग के बाद  छठी बार ऐसा किया है. 28 जुलाई को मोबाइल नंबर 8670846360से उपायुक्त के नाम से ऐसा ही फेक आईडी बनाकर लोगों को मैसेज भेज कर गुमराह करने का काम किया जा रहा था, जैसे ही जिला प्रशासन और उपायुक्त को इसकी जानकारी मिली उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जाकर लोगों से इस फेक व्हाट्सएप अकाउंट को नजरअंदाज करने की अपील की और कहा कि इस नंबर से किसी तरह का मैसेज अथवा फोन आने पर कोई भी प्रतिक्रिया ना दें, जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है. जल्द ही एक व्हाट्सएप अकाउंट बनाने वाले व्यक्ति को पकड़ा जाएगा.

कई अधिकारियों के बनाए जा चुके हैं फेक अकाउंट 

बता दें, बीते 25 जुलाई को भी रामगढ़ उपायुक्त माधवी मिश्रा के नाम पर एक व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर मैसेज भेज कर लोगों को गुमराह किया जा रहा था उस समय भी समय रहते उपायुक्त ने लोगों को एक व्हाट्सएप पर अकाउंट के बाबत जानकारी दी थी. लोग साइबर अपराधी के किसी तरह के जाल में आने से बच गए. इससे पूर्व रामगढ़ के तत्कालीन एसपी और जमशेसदपुर के वर्तमान एसएसपी प्रभात कुमार के नाम से फेक फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों से पैसे की मांग की गई थी. उस समय भी जिला प्रशासन ने तत्काल लोगों को फेक फेसबुक अकाउंट के बाबत जानकारी देकर लोगों को साइबर अपराधी के जाल में फंसने से आगाह किया था.

रामगढ़ पुलिस ने अब तक नहीं की कोई ठोस कार्रवाई 

भले ही जिले के वरीय अधिकारियों के नाम पर फेक व्हाट्सएप पर अकाउंट और फेसबुक अकाउंट बनाकर साइबर अपराधी लगातार चुनौती देने का काम कर रहे हैं. हालांकि अभी तक किसी भी मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. आम लोगों में चर्चा है कि जब साइबर ठग बड़े अधिकारियो के नाम पर फेंक अकॉउंट बना कर लोगों को गुमराह कर सकते हैं तो आम लोगों के अकाउंट का क्या? पुलिस सिर्फ मामला दर्ज कर जांच कर रही है. लेकिन अभी तक किसी भी मामले को पुलिस द्वारा उद्भेदन नहीं किया गया है. ऐसे में आम लोग कितने सुरक्षित हैं. इसका अंदाजा लगाया जा सकता है.

Tags: Cyber Fraud, Jharkhand news, Ramgarh news

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