उद्योगपति रामचंद्र रुंगटा की फैक्ट्री व जमीन अटैज, ईडी ने की बड़ी कार्रवाई

News18 Jharkhand
Updated: August 19, 2019, 8:57 PM IST
उद्योगपति रामचंद्र रुंगटा की फैक्ट्री व जमीन अटैज, ईडी ने की बड़ी कार्रवाई
कोयला कारोबारी रामचंद्र रुंगटा की फैक्ट्री अटैज

ईडी ने रामगढ़ के हैसला में रुंगटा की कंपनी झारखंड इस्पात एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड को अटैच कर लिया. साथ ही फैक्ट्री की 25.54 एकड़ विवादित जमीन को भी अटैच किया.

  • Share this:
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) (Enforcement Directorate) की टीम ने रामगढ़ के प्रसिद्ध कोयला कारोबारी एवं उद्योगपति रामचंद्र रुंगटा (Ramchandra Rungta) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. टीम ने रामगढ़ के हैसला में उनकी फैक्ट्री झारखंड इस्पात एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड को अटैच (Factory Attach) कर लिया. साथ ही फैक्ट्री की 25.54 एकड़ विवादित जमीन को भी अटैच किया. करोड़ों रुपये के इस जमीन संबंधी मामले में ईडी ने रामगढ़ थाने में लिखित सूचना दी थी. पहले भी रामचंद्र रुंगटा अवैध कोयला कारोबार में जेल जा चुके हैं.

कोयला किंग के नाम से फेमस हैं रुंगटा ब्रदर्स

रुंगटा बंधुओं का रामगढ़ से गहरा नाता रहा है. कोयला किंग के रूप में प्रसिद्ध चार भाइयों वाले रुंगटा ब्रदर्स 1972 में रामगढ़ पहुंचे थे. बनारस उस समय कोयले की बड़ी मंडी थी. रुंगटा बंधुओं ने रामगढ़ का कोयला बनारस की मंडी तक पहुंचाना शुरू किया. व्यवसाय के विस्तार को लेकर बड़े भाई नंदलाल बनारस शिफ्ट हो गए. मुगलसराय की काेयला मंडी में ट्रांसपोर्ट खोला. रामचंद्र रुंगटा रामगढ़ से काेयला भेजने लगे और बनारस में नंदलाल उस कोयले को बेचने लगे.

बाइक पर चलने वाले कई फैक्ट्री के मालिक बन गये 

रामचंद्र रुंगटा 1975 के दौरान बाइक से घूमा करते थे. रामगढ़ के कुजू मंडी से बनारस दो चार ट्रक कोयला भेजने का काम करते थे. धंधे की सभी बारीकियां सीख लेने के बाद वे लिंकेज के खेल में जुट गए. फर्जी फैक्ट्रियों के नाम पर कोयले का कागजात तैयार करवाते और फिर कोयले का अधिकांश ऑफर खुद हथिया लेते थे. धीरे-धीरे इनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और कुजू में ट्रांसपोर्ट खोल लिया. वर्ष 2000 के बाद रुंगटा ब्रदर्स फैक्ट्रियां स्थापित करने लगे. आनंदिता स्पंज, आलाेक स्पंज, मां छिन्नमस्तिका स्पंज, झारखंड इस्पात, दुर्गा सीमेंट आदि कई फैक्ट्रियों के मालिक बन बैठे.

कोयला कारोबार में बड़े भाई की हुई हत्या 
रुंगटा ब्रदर्स चार भाई थे. सबसे बड़े नंदलाल रुंगटा, महावीर रुंगटा, राम स्वरूप रुंगटा व रामचंद्र रुंगटा. बड़े भाई नंदलाल की हत्या बनारस में कर दी गई. बताया जाता है कि अवैध कोयले के लेन-देन को लेकर ही उनकी हत्या हुई थी. उनकी हत्या के बाद तीनों भाइयों ने कुछ समय तक सामूहिक कार्य करने के बाद आपस में धंधे का बंटवारा कर लिया.

Loading...


कोल लिंकेज के जरिए की अच्छी कमाई


फैक्ट्रियों के नाम पर कोल लिंकेज के जरिए भी रुंगटा ब्रदर्स ने अच्छी खासी कमाई की. उस वक्त पूर्व सैनिकों को निर्धारित दर पर कोयला ढुलाई का काम दिया जाता था. कई पूर्व सैनिकों से संपर्क कर उन्हें मामूली रकम देकर उनके नाम से बड़े पैमाने पर कोयला ढोया. इस काम से रुंगटा बंधुओं ने अच्छी कमाई की.


इनपुट- जयंत कुमार






News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए रामगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 19, 2019, 8:57 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...