लाइव टीवी

ट्रेन देखने की ललक में नेपाल से झारखंड पहुंच गया था रामू, दो साल बाद लौटा घर
Ramgarh News in Hindi

News18 Jharkhand
Updated: February 11, 2020, 11:46 AM IST
ट्रेन देखने की ललक में नेपाल से झारखंड पहुंच गया था रामू, दो साल बाद लौटा घर
रामगढ़ डीसी संदीप सिंह की पहल पर 10 वर्षीय रामू दो साल बाद अपने घर नेपाल लौट पाया

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नचिकेता ने बताया कि रामू नेपाल का रहने वाला है. दो साल पहले वह ट्रेन देखने की ललक में बॉर्डर पारकर बिहार पहुंच गया. वहां से ट्रेन के जरिये झारखंड की राजधानी रांची पहुंच गया था.

  • Share this:
रामगढ़. दो साल बाद रामगढ़ प्रशासन (Ramgarh Administration) की पहल पर 10 वर्षीय रामू अपने घर नेपाल (Nepal) लौट पाया. ट्रेन (Train) देखने के लिए वह नेपाल से बिहार (Bihar) आ गया था. और फिर बिहार से ट्रेन के जरिये रांची (Ranchi) पहुंच गया था. रांची स्टेशन पर रेलवे चाइल्ड लाइन ने रामू को अकेला पाकर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंप दिया था. चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने उसे रामगढ़ (Ramgarh) के वात्सल्यधाम पहुंचा दिया था. पिछले दो साल से रामू यहीं रह रहा था.

वात्सल्यधाम में रामू ने अपने बारे में बताया कि वह नेपाल का रहने वाला है. जिसके बाद यह जानकारी रामगढ़ उपायुक्त के साथ साझा की गई. उपायुक्त संदीप सिंह ने नेपाली दूतावास को रामू के बारे में सूचना दी. जिसके बाद सोमवार को नेपाली दूतावास के प्रतिनिधि रामू को अपने साथ नेपाल ले गये. दूतावास प्रतिनिधि भूमि राज ने इसके लिए रामगढ़ प्रशासन की तारीफ की.

ट्रेन देखने की ललक में बॉर्डर पारकर पहुंचा था बिहार

डीसी संदीप सिंह ने बताया कि रामगढ़ प्रशासन की पहल पर 10 वर्षीय रामू अपने घर नेपाल लौट पाया. वह अप्रैल 2019 से रामगढ़ के वात्सल्यधाम में रह रहा था. जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नचिकेता ने बताया कि रामू नेपाल का रहने वाला है. दो साल पहले वह ट्रेन देखने की ललक में बॉर्डर पारकर बिहार पहुंच गया. वहां से ट्रेन के जरिये झारखंड की राजधानी रांची पहुंचा. रांची में रेलवे चाइल्ड लाइन ने रामू को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंपा. और चाइल्ड वेलफेयर कमिटी ने उसे रामगढ़ के वात्सल्यधाम में पहुंचा दिया था. यहां बाल संरक्षण पदाधिकारी दुखहरण महतो की पहल पर रामू का दाखिला राजकीय बुनियादी विद्यालय, रामगढ़ कैंट में कक्षा दो में कराया गया था.



रामगढ़ प्रशासन ने नेपाली दूतावास के प्रतिनिधि को सौंपा

नचिकेता ने बताया कि जब राम के बारे में उपायुक्त संदीप सिंह को जानकारी मिली, तो उन्होंने इस सिलसिले में एक सितंबर 2019 को अपर मुख्य सचिव, गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखंड सरकार एवं नेपाल दूतावास को पत्र भेजा. 3 फरवरी 2020 को नेपाली राज दूतावास से होम वेरिफिकेशन से संबंधित पत्र प्राप्त हुआ. जिसके बाद 10 फरवरी को रामू अपने घर नेपाल लौट पाया.

इनपुट- जयंत कुमार

ये भी पढ़ें- बड़ी-बड़ी योजनाओं के नाम पर फंड की फिजूलखर्ची बंद होगी- सीएम हेमंत सोरेन

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए रामगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 11, 2020, 11:46 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर