बीमार बिरहोर की मौत पर जागा प्रशासन, चावल व रुपये पहुंचाए, घरवालों ने कहा- भूख से हुई मौत

मृतक राजेन्द्र बिरहोर
मृतक राजेन्द्र बिरहोर

रामगढ़ एसडीओ अनंत कुमार ने कहा कि बिरहोर जनजाति के लिए सरकार तत्पर है. उन्हें हर सुविधा दी जा रही है. राजेंदर बिरहोर की मौत भूख से नहीं बीमारी से हुई है

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रामगढ़ में एक और भूख से मौत का मामला सामने आया है. परिजनों के मुताबिक मांडू प्रखंड के नावाडीह पंचायत के राजेंद्र बिरहोर की मौत भूख से हुई. हालांकि प्रशासन इसे बीमारी से मौत बता रहा है.

इस बीच मांडू सीओ ललन कुमार और बीडीओ मनोज गुप्ता ने आनन-फानन में राजेंद्र बिरहोर की पत्नी शांति बिरहोर को दो क्विंटल चावल और 10 हजार रुपये नकद बुधवार शाम को दे आए. साथ ही पीड़ित परिवार को कई तरह की सरकारी सुविधा देने का भी भरोसा दिलाया गया.

रामगढ़ एसडीओ अनंत कुमार ने कहा कि बिरहोर जनजाति के लिए सरकार तत्पर है. उन्हें हर सुविधा दी जा रही है. राजेंदर बिरहोर की मौत भूख से नहीं बीमारी से हुई है.



जानकारी के मुताबिक राजेंद्र बिरहोर की मौत 24 जुलाई की रात में हुई. घरवालों की माने तो बीमार राजेंद्र के इलाज के लिए रुपये नहीं थे. घर में वह अकेला कमाने वाला था.  ऐसे में बीमारी के कारण वह काम-धंधा नहीं कर पा रहा था. लिहाजा घर में भुखमरी की स्थिति आ गई. 24 जुलाई को उसकी भूख से मौत हो गई.
राजेंद्र बिरहोर के भाई विनोद बिरहोर ने कहा कि हमारा भाई बीमार था और हम भी बीमार हैं. कमाने वाला कोई नहीं है. भाई की भूख से मौत हुई है. बेटी रेखा का कहना है कि पापा बीमार थे. घर में ना तो अनाज और ना ही पैसे थे. एक टाइम खाकर रहते थे. पापा की मौत भूख से हो गई. पत्नी शांति बिरहोर ने बताया कि घर में अनाज नहीं था. हम कमाने जाते थे, तो घर चलता था. भूख के कारण हमारे पति की मौत हुई.

इससे पहले जिले के मांडू प्रखंड के कुंदरिया में भूख से मौत का मामला सामने आया था. हालांकि तब भी प्रशासन ने उसे बीमारी से मौत करार दिया था.

(जयंत की रिपोर्ट)

 
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