मलबे में दबे मजदूर के शव को दो दिन बाद भाई ने निकाला, गुहार के बावजूद प्रशासन ने नहीं की मदद
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मलबे में दबे मजदूर के शव को दो दिन बाद भाई ने निकाला, गुहार के बावजूद प्रशासन ने नहीं की मदद
मलबे में दबे मजदूर के शव को दो दिन बाद भाई ने निकाला

Road Accident in Ramgarh: भाई दो दिन तक पुलिस-प्रशासन से मजदूर के शव को बाहर निकालने की गुहार लगाता रहा, लेकिन उसे कहीं से कोई मदद नहीं मिली.

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रामगढ़. जिले में एक बार फिर पुलिस (Police) और प्रशासन का गैर जिम्मेदाराना चेहरा सामने आया है. गत 25 मई को चुटू पालू घाटी में एक ट्रेलर दुर्घटनाग्रस्त (Accident) हो गई. इस घटना में ट्रेलर पर सवार एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई. जबकि 6 अन्य घायलों को इलाज के लिए रिम्स (RIMS) अस्पताल भेजा गया. मृत मजदूर का शव स्पंज आयरन के नीच दब गया, क्योंकि ट्रेलर पर यह लदा हुआ था. लेकिन ताजुब्ब की बात ये कि दो दिनों तक प्रशासन ने मजदूर के शव को बाहर निकालने का प्रयास नहीं किया.

दो दिन बाद भाई ने निकाला शव 

घटना की सूचना पर मृतक का भाई मौके पर पहुंचा. और दो दिन तक पुलिस-प्रशासन से मजदूर के शव को बाहर निकालने की गुहार लगाता रहा, लेकिन उसे कहीं से कोई मदद नहीं मिली. अंत में शुक्रवार को तपती धूप में उसने अकेले मलबे हटाकर शव को बाहर निकाला. कड़ी धूप में गर्म लोहे के मलबे को हाथ से हटाने में भाई के हाथ छाले पड़ गये. यह सब पुलिस तमाशबीन बनकर देखती रही, पर कुदाल या बेलचा मुहैया कराने की कोशिश नहीं की.



हालांकि मदद के रूप में पुलिस बस इतना भर की कि क्रेन से दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को मौके ले हटा दिया. इसके बाद पुलिस एनएच पर बिखरे मलबे को हटाने में लग गई. भाई ने कहा कि दो दिनों तक पुलिस-प्रशासन के चक्कर लगाकर थक गये, पर कहीं सुनवाई नहीं हुई. अंत में खुद से शव निकालना पड़ा.



घटना सोमवार देर रात की है. स्पंज आयरन से लदा ट्रेलर चुटूपाली घाटी में पलट गया. इसमें सवार 8 लोगों में से एक की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हालत में रिम्स भेजा गया.

 

 

इनपुट- जयंत कुमार

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