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रामगढ़: कार्तिक अमावस्या की रात तंत्र-मंत्र की सिद्धि प्राप्ति के लिए रजरप्पा में जुटे देश भर के तांत्रिक-साधक

रामगढ़: कार्तिक अमावस्या की रात तंत्र-मंत्र की सिद्धि प्राप्ति के लिए रजरप्पा में जुटे देश भर के तांत्रिक-साधक

कार्तिक अमावस्या के दिन यहां की महत्ता और बढ़ जाती है. यह तंत्र-मंत्र सिद्धि प्राप्ति के लिए खास होता है

कार्तिक अमावस्या के दिन यहां की महत्ता और बढ़ जाती है. यह तंत्र-मंत्र सिद्धि प्राप्ति के लिए खास होता है

Jharkhand News: पौराणिक मान्यता है कि मां छिन्नमस्तिका मंदिर में पूजा-अर्चना और हवन करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. काली पूजा की रात्रि मां छिन्नमस्तिका मंदिर में देश भर से तांत्रिक, साधक और श्रद्धालु हजारों की संख्या में पहुंचते हैं. वो यहां मां भगवती की पूजा-अर्चना कर तंत्र-मंत्र की सिद्धि में रात भर लीन रहते हैं

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    (जावेद खान)

    रामगढ़. झारखंड के रामगढ़ के रजरप्पा (Rajrappa) में मां छिन्नमस्तिका मंदिर (Chinnmastika Mandir) प्रसिद्ध सिद्ध पीठ स्थल है. कार्तिक अमावस्या के दिन यहां की महत्ता और बढ़ जाती है. यह दिन तंत्र-मंत्र सिद्धि प्राप्ति के लिए खास होता है. साल में सिर्फ एक दिन अमावस्या की रात मां छिन्नमस्तिका देवी की पूजा-अर्चना की जाती है. इस दिन तंत्र-मंत्र की सिद्धि को लेकर विभिन्न हवन कुंडों में तांत्रिक और साधक समेत श्रद्धालु रातभर हवन, पाठ, जाप और यज्ञ कर सिद्धि प्राप्त करते हैं. पौराणिक मान्यता है कि यहां पूजा-अर्चना और हवन करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. काली पूजा की रात्रि मां छिन्नमस्तिका मंदिर में देश भर से तांत्रिक, साधक और श्रद्धालु हजारों की संख्या में पहुंचते हैं. वो यहां मां भगवती की पूजा-अर्चना कर तंत्र-मंत्र की सिद्धि में रात भर लीन रहते हैं.

    तांत्रिक, साधक दामोदर भैरवी नदी के संगम स्थल और मंदिर के एकांत क्षेत्र में तंत्र-मंत्र की सिद्धि प्राप्त करते हैं. बताया गया कि 10 महाविद्याओं में मां काली का पहला स्थान आ मां छिन्नमस्तिके देवी का चौथा स्थान है. इस कारण कार्तिक अमावस्या पर तंत्र-मंत्र की देवी महामाया मां काली पूजा का विशेष महत्व है. यह रात रहस्यमयी होती है, कई अनजान चेहरे नजर आते हैं. रात्रि में घने जंगलों के बीच उड़ती आग की लपटें और धुआं, जंगल और पहाड़ों के बीच से आती अनजान आवाजों से रोंगटे खड़ा हो जाते हैं. मां छिन्नमस्तिका देवी के मुख्य मंदिर के अलावा इसके पश्चिमी छोर पर स्थित मां काली मंदिर में भी रात भर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है.

    रजरप्पा के मुख्य पुजारी दुर्गा दत्त पांडेय ने बताया कि झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश समेत देश भर के तांत्रिक और साधक कार्तिक अमावस्या के दिन यहां पहुंचते हैं और रात भर सिद्धि प्राप्त के लिए एकांत में साधना करते हैं.

    Tags: Jharkhand news, Ramgarh news

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