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देसी जुगाड़ से बनी है यह खास मशीन, इसके इस्तेमाल से खेतों से दूर भागेंगे कीड़े; जानें कीमत

देसी जुगाड़ से बनी है यह खास मशीन, इसके इस्तेमाल से खेतों से दूर भागेंगे कीड़े; जानें कीमत

सोलर लाइट ट्रैप मशीन से रामगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र में प्रत्येक दिन सैकड़ों कीड़ों को नष्ट किया जा रहा है, जो फसलों को नुकसान पहुंचाते थे.

सोलर लाइट ट्रैप मशीन से रामगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र में प्रत्येक दिन सैकड़ों कीड़ों को नष्ट किया जा रहा है, जो फसलों को नुकसान पहुंचाते थे.

Jharkhand News: इस मशीन से रामगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र में प्रत्येक दिन सैकड़ों कीड़ों को नष्ट किया जा रहा है, जो फसलों को नुकसान पहुंचाते थे. इससे यहां लगे फसलों पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं हो रहा है. अब किसान इसे अपने खेतों में लगाकर बिना कीटनाशक दवाओं के छिड़काव किए बेहतर फसल उगा सकते हैं.

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हाइलाइट्स

कृषि वैज्ञानिकों ने सोलर आधारित सोलर लाइट ट्रैप मशीन को विकसित किया है.
इसे खेतों में कीड़ों को पकड़ने वाली मशीन भी कहा जा सकता है.
झारखंड के रामगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र में इसका प्रयोग सफल रहा है.

रिपोर्ट- जावेद खान

रामगढ़. झारखंड सहित पूरे देश के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है. अब किसानों के खेतों में लगे फसलों को कीड़ों से बचाने के लिए कीटनाशक दवाओं का प्रयोग नहीं करना पड़ेगा. इसके लिए रामगढ़ के पलांडू के कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने सोलर आधारित सोलर लाइट ट्रैप मशीन को विकसित किया है. इसके निर्माण पर 6 से 7 हजार रुपए  का खर्च पड़ रहा है. इसे खेतों में कीड़ों को पकड़ने वाली मशीन भी कहा जा सकता है.

इस मशीन से रामगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र में प्रत्येक दिन सैकड़ों कीड़ों को नष्ट किया जा रहा है, जो फसलों को नुकसान पहुंचाते थे. इससे यहां लगे फसलों पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं हो रहा है. अब किसान इसे अपने खेतों में लगाकर बिना कीटनाशक दवाओं के छिड़काव किए बेहतर फसल उगा सकते हैं.

जानें कैसे काम करता है यह देसी मशीन 

जानकारी के अनुसार सोलर आधारित यह मशीन तीन लेयर में बनाया गया है. पहले लेयर में सोलर प्लेट है, जो दिन भर सूर्य की रोशनी से इसे चार्ज करता है. अंधेरा होने पर इसमें लगे दो बल्ब स्वतः जल उठते हैं. दूसरे लेयर के एक डब्बे में मादा हारमोंस के गोली को रखा जाता है जिससे रात में घूमने वाले कीड़े मादा हारमोंस की सुगंध पर यहां आकर डब्बे के किनारे बैठते हैं. वहां बैठते ही कीड़े घिसककर सबसे नीचे तीसरे लेयर में पहुंच जाते हैं, जहां पहले से साबुन का घोल डाला रहता है. इस प्रकार फसलों के नुकसान होने से बचाया जा सकता है.

कृषि की लागत खर्च में आएगी कमी 

बताया जाता है कि इस मशीन से एक लिमिटेड मात्रा में कीटनाशकों का इस्तेमाल होगा जिससे पर्यावरण भी सुरक्षित होगा और खेती पर अनावश्यक लागत जो बढ़ रही है, वह भी बचेगी. रामगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र में इसका प्रयोग सफल रहा है. रामगढ़ की कृषि विज्ञान मांडू कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी.डॉ दुष्यंत राघव ने बताया कि इस सोलर ड्रायर मशीन किसानों के लिए एक वरदान है. यह सिर्फ 6 से 7 हजार रुपये में उपलब्ध हो सकेगा. किसान उमेश ने बताया कि यह फसलों को कीड़ों से बचाने में काफी मददगार होगा. साथ ही फसलों को कीड़ों से बचाने के लिए रसायन के छिड़काव से भी किसानों को मुक्ति मिलेगी.

Tags: Indian Farmers, Jharkhand news, Ramgarh news

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