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विपक्षी एकजुटता के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिए 10 महत्वपूर्ण सुझाव

विपक्षी एकजुटता के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिए 10 महत्वपूर्ण सुझाव

सोनिया गांधी की बुलाई बैठक में आज सीएम हेमंत सोरेन ने विपक्षी एकजुटता पर पुख्ता तरीके से अपनी बात रखी. (फाइल फोटो)

सोनिया गांधी की बुलाई बैठक में आज सीएम हेमंत सोरेन ने विपक्षी एकजुटता पर पुख्ता तरीके से अपनी बात रखी. (फाइल फोटो)

opposition parties meeting : सोनिया गांधी ने विपक्षी एकजुटता के लिए देश की प्रमुख विपक्षी पार्टियों के साथ डिजिटल बैठक की. इस बैठक में झारखंड के सीएम ने 10 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी बात रखी.

रांची. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विपक्षी एकजुटता के लिए देश के कई प्रमुख नेताओं के साथ डिजिटल बैठक की. इस बैठक में पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और झारखंड के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए. बैठक के जरिए सोनिया गांधी प्रमुख मुद्दों पर विपक्षी दलों को साथ लेकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश में हैं. विपक्षी दलों को एकजुट कर केंद्र सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ लड़ाई को धार देने का प्रयास किया जा रहा है.

चार मुख्यमंत्रियों सहित ये नेता शामिल रहे बैठक में

बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह और राहुल गांधी सहित नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, डीएमके के एमके स्टालिन, टीएमसी की तरफ से ममता बनर्जी, झारखंड मुक्ति मोर्चा की तरफ से हेमंत सोरेन, शिवसेना के उद्धव ठाकरे, एनसीपी की तरफ से शरद यादव और CPM नेता सीताराम येचुरी सहित अन्य विपक्षी दल के नेता शामिल हुए. इस बैठक में आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल को आमंत्रित नहीं किया गया था.

सीएम हेमंत सोरेन ने बैठक में रखीं ये बातें

कोरोना वैश्विक महामारी को भारत सरकार नेशनल डिजास्टर घोषित करे. इतनी बड़ी आपदा को केंद्र सरकार अबतक राष्ट्रीय आपदा घोषित क्यों नहीं कर रही है, यह बात समझ से परे है. हम सभी को कोरोना वैश्विक महामारी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग करनी चाहिए. इस महामारी में जितने लोगों की जान गई हैं, उन्हें मुआवजा दे केंद्र सरकार. जिन्होंने जीवन बचाने के लिए जमीन-जायदाद, गहने इत्यादि बेचकर इलाज कराया है, उनके पास जीवनयापन के लिए 1 रुपया भी नहीं बचा है. उनका आने वाला भविष्य कैसे सुरक्षित हो यह चिंतनीय विषय है.
पूरा देश अजीब संकट से गुजर रहा है. केंद्र सरकार देश में लोकतंत्र का चीरहरण कर रही है. केंद्र सरकार देश की जनता को गुमराह करने पर लगी है. सत्र में सांसदों की बातें नजरअंदाज करना लोकतंत्र के लिए घातक है.
विपक्ष की एकता को और ज्यादा ताकतवर बनाने की जरूरत. देश के अंदर और देश के बाहर कई ऐसे मुद्दे हैं जिनसे केंद्र सरकार को मजबूती के साथ घेरा जा सकता है. विपक्ष के पास मुद्दों की कमी नहीं है. बीजेपी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई ऐसे फैसले किए हैं, जो देश हित में नहीं हैं.
आज की बैठक की बिंदुओं में गैर भाजपाशासित राज्यों के अपने-अपने कुछ अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन पर चर्चा की जानी चाहिए. देश की सभी संस्थाओं को केंद्र सरकार ने अपनी जेब में कर रखा है.
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ जो घटना घटी वह काफी निंदनीय है. हम सभी लोगों को उनके साथ मजबूती से खड़ा रहने की आवश्यकता है. केंद्र सरकार की हर गलत नीतियों का विरोध हमें संयुक्त रूप से करना चाहिए.
देश के सभी गैर भाजपाशासित राज्यों के साथ केंद्र सौतेला व्यवहार कर रहा है. मैं स्वयं सौतेला व्यवहार का भुक्तभोगी हूं. देश में गरीब, मजदूर, किसान और अल्पसंख्यक वर्ग विपक्ष की तरफ आशा भरी निगाहों से देख रहा है. ऐसे कमजोर वर्गों को उनका वाजिब हक दिलाना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है. ऐसे वर्गों के लोगों को एकत्रित करके रखना बहुत ही जरूरी है.
विपक्ष को ज्वलंत मुद्दों के साथ केंद्र सरकार को घेरने की आवश्यकता है. पेगासस मुद्दे से मजदूरों और किसानों को कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि किसानों को किसान नीति, मजदूरों को रोजगार और नौजवानों को नौकरी और स्वरोजगार जैसे मुद्दों के साथ विपक्ष को गोलबंद होकर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है. महंगाई आसमान छू रही है, लोगों के हाथों से नौकरियां जा रही हैं. इन मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाना चाहिए.
कोविड-19 वैक्सीनेशन को लेकर चीजें स्पष्ट नहीं है. जनता के बीच यह बताने की आवश्यकता है कि केंद्र सरकार वैक्सीनेशन पर कितना खर्च कर रही है. राज्य सरकारों के बीच कोविड-19 वैक्सीनेशन को लेकर चीजें ट्रांसपरेंट नहीं दिख रही हैं.
केंद्र सरकार के पास मनरेगा को छोड़कर आर्थिक सशक्तीकरण का कोई विजन नहीं दिख रहा है. मनरेगा सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित है. रोजगार सृजन के लिए शहरी क्षेत्रों के लिए कोई योजना केंद्र सरकार के पास नहीं है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोनिया गांधी का धन्यवाद अदा करते हुए कहा कि विपक्ष की बैठक निरंतर होनी चाहिए. विपक्षी दलों की बातचीत लगातार होती रहेगी तभी हम एकजुट होकर केंद्र सरकार की गलत नीतियों के साथ लड़ सकेंगे.

Tags: CM Hemant Soren, Opposition unity, Sonia Gandhi

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