विभिन्न राज्यों में फंसीं झारखंड की 20 हजार गर्भवती महिलाओं को डॉक्टरी मदद की सख्त जरूरत
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विभिन्न राज्यों में फंसीं झारखंड की 20 हजार गर्भवती महिलाओं को डॉक्टरी मदद की सख्त जरूरत
झारखंड की 20 हजार गर्भवती महिलाएं विभिन्न प्रदेशों में फंसी हुई हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

लॉकडाउन (Lockdown) में बेरोजगार हो जाने के चलते पति के पास पैसे नहीं हैं. खुद भी कामकाज नहीं कर पा रही हैं. ऐसे में इन गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) को खाने-पीने की भी दिक्कत हो रही है.

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रांची. कोरोना काल (Corona Days) में अबतक दूसरे राज्यों से साढ़े तीन लाख से ज्यादा प्रवासी श्रमिक (Laborers) और उनके परिवार झारखंड वापस लौट आए हैं. हालांकि अभी भी लाखों झारखंडी दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं. इनमें 20 हजार से ज्यादा गर्भवती महिलाएं (Pregnant Women) हैं. ये महिलाएं महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, तमिलनाडु जैसे प्रदेशों में फंसी हुई हैं. इन महिलाओं को ऐसी अवस्था में डॉक्टरी मदद की सख्त जरूरत है, जो इन्हें नहीं मिल पा रही है. लॉकडाउन में बेरोजगार हो जाने के चलते पति के पास पैसे नहीं हैं. खुद भी कामकाज नहीं कर पा रही हैं. ऐसे में खाने-पीने की भी दिक्कत हो गई है.

प्रवासी कंट्रोल रूम में रोज आ रहे गर्भवती महिलाओं के फोन       

झारखण्ड सरकार ने प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को दूर करने के लिए रांची के नेपाल हाउस में प्रवासी कंट्रोल रूम बनाया है. यह चौबीसों घंटे काम करता है. इनदिनों इस कंट्रोल रूम में बाहर फंसीं गर्भवती महिलाओं के फोन ज्यादा आ रहे हैं. इस कंट्रोल रूम में काम करने वाली निर्मला एक्का बताती हैं कि ये गर्भवती महिलाएं डॉक्टरी मदद से लेकर खाने-पीने की दिक्कत के बारे में बताती हैं. और जल्द घर वापसी चाहती हैं.



निर्मला एक्का ने बताया कि बुधवार को कंट्रोल रूप में सराईकेला के छोटा दवना की रहने वाली लड़की का फोन आया. वह राजस्थान में घरेलू नौकर का काम करती थी. लेकिन लॉकडाउन में घर मालिक ने काम से हटा दिया. वहां से वह किसी तरह दिल्ली तक आ गयी. वहां वह बिहार के कुछ प्रवासियों के साथ अभी रह रही है. युवती से फोन पर सारी जानकारी ली गई है. उसे अब दिल्ली से लाने की तैयारी की जाएगी.



'प्रवासी मजदूरों के साथ खड़ी है सरकार'

श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि सरकार एक-एक प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए प्रयासरत है. बाहर फंसीं गर्भवती महिलाओं को भी हर संभव मदद दी जाएगी.

जानकारी के मुताबिक 7 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूर प्रदेश वापस लौटने के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. इनमें से करीब 1.5 लाख महिलाएं हैं. इन महिलाओं में से 20 हजार गर्भवती महिलाएं हैं. अब तक साढ़े तीन लाख से ज्यादा प्रवासी सरकार के प्रयास से प्रदेश वापस लौट चुके हैं.

इनपुट- उपेन्द्र कुमार

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First published: June 3, 2020, 5:11 PM IST
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