झारखंड में हेमंत कैबिनेट का दूसरा विस्तार, पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के बेटे बने मिनिस्टर

हफीजल हसन को दिवंगत पिता हाजी हुसैन अंसारी का विभाग अल्पसंख्यक कल्याण की जिम्मेदारी दी जा सकती है.

हफीजल हसन को दिवंगत पिता हाजी हुसैन अंसारी का विभाग अल्पसंख्यक कल्याण की जिम्मेदारी दी जा सकती है.

Hemant Cabinet Expansion: विधायक हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद मंत्रिमंडल में खाली सीट पर हेमंत सोरेन ने उनके बेटे को दी जगह. मधुपुर विधानसभा सीट से झामुमो के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे हफीजुल हसन.

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रांची. झारखंड में हेमंत मंत्रिमंडल (Hemant Cabinet) का दूसरा विस्तार हुआ है. पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के बड़े बेटे हफीजल हसन (Hafizal Hassan) को मंत्री बनाया गया है. उन्हें राजभवन के बिरसा मंडप में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने मंत्री पद की शपथ दिलाई. हफीजुल ने उर्दू में शपथ ली. ऐसी संभावना है कि हफीजुल को पिता का विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.



शुक्रवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत झारखंड सरकार के सभी मंत्री शामिल हुए. इस दौरान मधुपुर से बड़ी संख्या में आए जेएमएम कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे. शपथ ग्रहण से पहले हफीजुल ने शिबू सोरेन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया.





मधुपुर से उपचुनाव लड़ेंगे हफीजुल


मधुपुर विधानसभा सीट से जेएमएम विधायक और तत्कालीन अल्पसंख्यक मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का पिछले साल 3 अक्टूबर को निधन हो गया था. इसके बाद से ही मधुपुर सीट खाली है. अप्रैल तक इस सीट पर उपचुनाव होना है. इस सीट को लेकर राजद की ओर से दावेदारी पेश की जाने लगी थी. लेकिन हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद जेएमएम हाईकमान ने उनके परिवार को मधुपुर से टिकट देने का भरोसा दिलाया था. अब हफीजुल हसन को मंत्री बनाकर यह संकेत भी दे दिया गया है कि मधुपुर से जेएमएम के टिकट पर हफीजुल हसन ही चुनाव लड़ेंगे. इससे उन्हें यह फायदा होगा कि वह मंत्री के रूप में चुनाव लड़ेंगे.



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CM सहित 12 मंत्रियों का हो सकता है कैबिनेट





झारखंड में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 12 मंत्री कैबिनेट में हो सकते हैं. हफीजुल हसन के मंत्री बनने के बाद कैबिनेट में सीएम समेत 11 मंत्री हो चुके हैं. हालांकि अभी भी एक पद खाली है. इस पद के लिए कांग्रेस और जेएमएम में अंदरुनी खींचतान चल रही है. जेएमएम की ओर से बसंत सोरेन को मंत्री बनाने की कवायद जारी है.



बिना विधायक बने मंत्री



नये मंत्री हफीजुल हसन बिना विधायक बने मंत्री बने हैं. झारखंड में 15 साल के बाद ऐसा हुआ है. इससे पहले 2006 में मधु कोड़ा की सरकार में भानु प्रताप शाही के पिता हेमेंद्र प्रताप देहाती को बिना चुनाव लड़े मंत्री बनाया गया था.



बता दें कि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद 29 दिसंबर 2019 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ कांग्रेस के दो और राजद के एक मंत्री ने शपथ ली थी. इसके बाद 28 जनवरी 2020 को पहला मंत्रिमंडल विस्तार हुआ था. इसमें जेएमएम के 5 और कांग्रेस के 2 मंत्रियों ने शपथ ली थी.


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