झारखंड में दो राज्यसभा सीटों पर चुनाव के लिए 3 उम्मीदवारों के बीच जंग, हेमंत सोरेन पर टिकी हैं सब की निगाहें
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झारखंड में दो राज्यसभा सीटों पर चुनाव के लिए 3 उम्मीदवारों के बीच जंग, हेमंत सोरेन पर टिकी हैं सब की निगाहें
सीएम हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)

रांची में शुक्रवार को हो रहे राज्यसभा चुनाव को लेकर व्यापक तैयारी की गई है. COVID-19 संक्रमण को देखते हुए मतदान के लिए पहुंचने वाले हर विधायक को थर्मल स्कैनिंग के साथ-साथ बकायदे जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा. इसके बाद ही वोटिंग की अनुमति मिलेगी.

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रांची. झारखंड में राज्यसभा चुनाव की दो सीटों के लिए शुक्रवार को चुनाव हो रहे हैं. विधानसभा परिसर में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग और उसके बाद मतगणना होगी. चुनाव में राज्य की सत्तारूढ़ झामुमो और कांग्रेस के उम्मीदवारों के साथ-साथ प्रमुख विपक्षी बीजेपी के उम्मीदवार भी मैदान में हैं. झामुमो प्रत्याशी शिबू सोरेन की जीत जहां तय दिख रही है, वहीं कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशी भी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं. ऐसे में यह देखना दिलचस्प हो जाएगा कि क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सत्ता में सहयोगी पार्टी कांग्रेस के प्रत्याशी को राज्यसभा भेज पाते हैं या नहीं. हालांकि सीएम इसके लिए हरसंभव प्रयास करते दिख रहे हैं.

तीन प्रत्याशी आजमा रहे हैं किस्मत
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 3 प्रत्याशी अपना किस्मत आजमा रहे हैं. झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के साथ-साथ कांग्रेस के शहजादा अनवर के चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा खाली की गई दुमका और विधायक राजेन्द्र सिंह के निधन से बेरमो सीट के खाली होने के बाद विधानसभा में विधायकों की कुल संख्या 81 से घट कर 79 रह गई है. अब अगर प्रथम वरीयता के लिहाज से कहें तो जीत के लिए 27 विधायकों का वोट चाहिए.

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मरांडी को मिलाकर हैं 26 विधायक


बीजेपी के पास बाबूलाल मरांडी को मिलाकर कुल 26 विधायक हैं. अपने प्रत्याशी को जीत के लिए पार्टी को चंद और विधायकों के समर्थन की जरूरत है. इसी वजह से आजसू पार्टी और निर्दलीयों को लेकर अटकलबाजियां चल रही हैं. दो दिन पहले सीएम हेमंत सोरेन ने सुदेश महतो से मुलाकात की. उसके बाद सियासी कयासबाजी शुरू हो गई. लेकिन ऐन वक्त पर सुदेश महतो के NDA की बैठक में शामिल होने के बाद अटकलबाजियां थम गईं. फिर भी UPA के दूसरे उम्मीदवार शहजादा आलम के दावे को देख राजनीतिक गलियारों में गहमा-गहमी जारी है.


कांग्रेस उम्मीदवार की राह मुश्किल
सदन में झारखंड मुक्ति मोर्चा के 29 विधायक हैं, ऐसे में शिबू सोरेन की जीत पक्की दिख रही है. कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवार के बीच पेंच फंसा है. कांग्रेस उम्मीदवार को अपनी पार्टी के 14, राजद का 1 और शिबू सोरेन को 27 वोट देने के बाद बचे 2 वोट का आसरा है. इसके अलावा निर्दलीय प्रदीप यादव और बंधु तिर्की, एनसीपी के कमलेश सिंह, माले का 1 वोट जोड़ दें तो यह आंकड़ा आंकड़ा 21 तक ही पहुंचता है. आजसू नेता सुदेश महतो के NDA की बैठक में शामिल होने के बाद अब उस दल के समर्थन की गुंजाइश कम है. वहीं निर्दलीय सरयू राय और अमित यादव भी कांग्रेस के साथ खड़े नहीं दिख रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी की राह कठिन दिख रही है. हालांकि यूपीए के दूसरे प्रत्याशी शहजादा अनवर अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहे हैं. उन्होंने दावा किया एनडीए के भी विधायक उनके लिए अपना मत देंगे.

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भाजपा भी कर रही दावा
भाजपा की बात करें तो ढुल्लू महतो को वोट देने का कोर्ट से आदेश मिल जाने और सुदेश महतो की पार्टी आजसू के समर्थन से भगवा पार्टी भी अपने उम्मीदवार की जीत का दावा कर रही है. साथ ही निर्दलीय सरयू राय और अमित के सहयोग से आंकड़ा जीत के जरूरी नंबर से ज्यादा हो जाता है. बीजेपी को उम्मीद है कि उसके प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को आसानी से जीत हासिल हो जाएगी. बीजेपी ने अपने विधायकों को तोड़-फोड़ से बचाने के लिए पिछले दो दिनों से उनकी बाड़ाबंदी करके भी रखी है. विधानसभा में राज्यसभा के लिए हुए मतदान के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि बीजेपी और जेएमएम प्रत्याशी की जीत तय है.

कोरोना के कारण की गई व्यापक तैयारी
रांची में शुक्रवार को हो रहे राज्यसभा चुनाव को लेकर व्यापक तैयारी की गई है. COVID-19 संक्रमण को देखते हुए मतदान के लिए पहुंचने वाले हर विधायक को थर्मल स्कैनिंग के साथ-साथ बकायदे जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा. इसके बाद ही वोटिंग की अनुमति मिलेगी.
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