3 नेशनल चैंपियन बहनों की कहानी: कुश्ती में सबको पछाड़ा, पर सिस्टम से हो गईं चित

तीनों नेशनल चैंपियन बहनों को अपने लिए नौकरी का इंतजार है.
तीनों नेशनल चैंपियन बहनों को अपने लिए नौकरी का इंतजार है.

कुश्ती चैंपियन (Wrestling Champion) बहनें राखी और मधु बताती हैं कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) दो बार उनके घर आ चुके हैं. और दोनों बहनों को सरकारी नौकरी का भरोसा भी दिलाया है. लेकिन खेल नीति के चक्कर में दोनों को अभी तक नौकरी नहीं मिली है.

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रांची. राजधानी रांची (Ranchi) की तीन बेटियां, जिन्होंने कुश्ती (Wrestling) के खेल में तमाम विरोधियों को पछाड़ा, लेकिन फिलहाल सिस्टम के दांव के आगे खुद ही चित होती नजर आ रही हैं. राजधानी की तीन नेशनल चैंपियन बेटियां अपने घर पर उस नौकरी का इंतजार कर रही हैं, जो मुख्यमंत्री खुद दरवाजे पर जाकर दे चुके हैं. घर की दीवारों पर टंगे अनगिनत मेडल्स और सर्टिफिकेट के बीच राखी, मधु और जूही तीनों बहनें अपने भविष्य की खुशियों को तलाशने में जुटी हैं.

बड़ी बहन राखी और उससे छोटी मधु ने लगातार 8 साल झारखंड सीनियर कुश्ती चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के साथ-साथ नेशनल सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप में भी पदक जीतकर अपनी प्रतिभा को साबित किया है. लेकिन फिलहाल चैंपियन बेटियों वाला यह पूरा परिवार मुफलिसी के दौर से गुजर रहा है. ऐसे में अपने खेल को निखारने और जिंदगी को संवारने के लिए दोनों बहनों को एक अदद सरकारी नौकरी की तलाश है.

सीएम ने किया है नौकरी देने का वादा 



राखी और मधु बताती हैं कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दो बार उसके घर आ चुके हैं. और उन्होंने दोनों बहनों को सरकारी नौकरी का भरोसा भी दिया है.
दरअसल 2018 में राखी को यूपी के अयोध्या में आयोजित राष्ट्रीय सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप में कोच नहीं होने की वजह से पदक से हाथ गंवाना पड़ा था. पिता मजदूरी करते हैं और मां गृहिणी, लिहाजा हर दिन आर्थिक तंगी और बदहाली की वजह से चैंपियन बेटियों का दर्द उभर कर सामने आता है. रांची के किशोरगंज की रहनेवाली राखी और मधु 53 और 50 किलोग्राम के लिए खेलती हैं. हालांकि लॉकडाउन की वजह से फिलहाल तीनों बहनें अपने घर में ही प्रैक्टिस में जुटी हैं.

बकरी बेचकर हो रहा रोटी का जुगाड़

मां रूपम तिर्की बताती हैं कि बेटियों के स्कॉलरशिप और उनकी कोचिंग से ही गुजर बसर चल रहा है. हाल ये है कि लॉकडाउन में बकरियों को बेचकर ही रोटी का जुगाड़ हो पा रहा है.

वहीं झारखंड कुश्ती संघ के अध्यक्ष भोला सिंह ने भी राखी और मधु के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री खुद इसको लेकर गंभीर हैं. और जैसे ही खेल नीति कैबिनेट से पास होगी, दोनों बहनों को नौकरी दे दी जाएगी.
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