अपना शहर चुनें

States

छठी जेपीएससी अनियमितता मामला: झारखंड हाईकोर्ट 3 फरवरी को सुना सकता है फैसला

झारखंड लोक सेवा आयोग का विवादों से पुराना नाता रहा है.
झारखंड लोक सेवा आयोग का विवादों से पुराना नाता रहा है.

छठी जेपीएससी (6th JPSC) अंतिम परिणाम को राहुल कुमार समेत कई छात्रों ने झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High court) में चुनौती दी है. इनका आरोप है कि जेपीएससी ने परीक्षा का अंतिम परिणाम नियमों के तहत नहीं निकाला.

  • Share this:
रांची. छठी जेपीएससी अनियमितता मामले (6th JPSC) में सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High court) में एक साथ 18 याचिकाओं पर सुनवाई हुई. न्यायाधीश एसके द्विवेदी की अदालत में प्रार्थी की ओर से परीक्षा रद्द करने की मांग की गई. इसके लिए बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का हवाला दिया गया. लेकिन जेपीएससी के वकील ने प्रार्थी के आरोप को खारिज करते हुए नियमानुसार नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का दावा किया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 3 फरवरी की तारीख तय की. ऐसी संभावना है कि उस दिन कोर्ट इस मामले में अपना फैसला सुना देगी.

इससे पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रार्थियों को निर्देश दिया था कि वे छठी जेपीएससी में सफल अभ्यर्थियों को भी प्रतिवादी बनाएं. इस दौरान कुछ सफल अभ्यर्थियों की ओर से कहा गया कि वकालतनामा मिल चुका है और जल्द ही इसे अदालत में दाखिल किया जाएगा. इसके बाद कोर्ट ने एक फरवरी तक सारी प्लीडिंग पूरी करने का निर्देश दिया है.

एक फरवरी तक जवाब दाखिल करने का आदेश



दरअसल छठी जेपीएससी के अंतिम परिणाम को राहुल कुमार समेत कई छात्रों ने झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है. इनका आरोप है कि जेपीएससी ने अंतिम परिणाम नियमों के तहत नहीं निकाला. इसके चलते कई गड़बड़ियां हुईं. ऐसे में अंतिम परिणाम को रद्द किया जाना चाहिए. सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि 3 फरवरी को किसी को भी किसी काम के लिए समय नहीं दिया जाएगा. एक फरवरी तक सभी पक्ष अपना-अपना जवाब दाखिल कर दें. (इनपुट- भुवन किशोर झा)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज