सूबे के 70 हजार पारा शिक्षकों की सरकार के खिलाफ पदयात्रा शुरू

पारा शिक्षकों के नेता संजय दूबे ने बताया कि सरकार उनकी पांच मांगों पर अबतक कोई पहल नहीं की

Ajay Lal | News18 Jharkhand
Updated: April 17, 2018, 3:23 PM IST
सूबे के 70 हजार पारा शिक्षकों की सरकार के खिलाफ पदयात्रा शुरू
फाइल फोटो
Ajay Lal
Ajay Lal | News18 Jharkhand
Updated: April 17, 2018, 3:23 PM IST
अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर सूबे के सत्तर हजार पारा शिक्षकों ने मंगलवार से पदयात्रा की शुरूआत की है. यह पदयात्रा अलग- अलग जिलों से जत्थे में रांची के लिए रवाना हुई है.

पारा शिक्षकों के नेता संजय दूबे ने बताया कि सरकार उनकी पांच मांगों पर अबतक कोई पहल नहीं की. इसमें सेवा नियमित करना, समान काम के बदले समान वेतन, विद्यालयों के मर्ज को रोकना, पारा शिक्षकों को ईपीएफ का लाभ, डीएलए की राशि को वापस करने और टेट पास अभ्यर्थियों की सीधी नियुक्ति की मांग शामिल हैं. सरकार की बेरूखी के खिलाफ यह पदयात्रा निकाली गई है.

पारा शिक्षकों की यह पदयात्रा आगामी 23 अप्रैल को रांची पहुंचेगी और सीएम आवास के पास अनिश्चितकालीन धरना देने की पारा शिक्षकों की योजना है. पारा शिक्षकों की पदयात्रा पांच प्रमंडलों, उत्तरी छोटानागपुर में कोडरमा, दक्षिणी छोटानागपुर में गुमला, पलामू प्रमंडल में मेदिनीनगर, संथाल परगना में देवघर और कोल्हान प्रमंडल में जमशेदपुर से शुरू हुई. इसमें राज्य भर के 70 हजार पारा शिक्षक शामिल हुए हैं. अपनी मांगों के समर्थन में पारा शिक्षक एक मई को भूख हड़ताल पर भी रहेंगे.

मोर्चा ने कहा कि पारा शिक्षक वर्ष 2004 से लंबित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और इसी क्रम में राज्य के 81 विधायकों, 14 सांसदों और सीएम के नाम बीते फरवरी में मांग पत्र सौंपा गया था. 10 मार्च को शिक्षामंत्री के आवास का घेराव किया गया. उसके बाद दो दिनों में सीएम से वार्ता कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक सीएम से बातचीत नहीं हुई. यह साफ बताता है कि पारा शिक्षकों की समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है.

 
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