Bihar Chunav: कोरोनाकाल में कमाई कम हुई तो रिक्शा-ठेला से वोट डालने बिहार जा रहे मजदूर

बिहार चुनाव में वोटिंग करने के लिए रांची से लोग बिहार आने की तैयारी में जुट गये हैं.
बिहार चुनाव में वोटिंग करने के लिए रांची से लोग बिहार आने की तैयारी में जुट गये हैं.

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar assembly election) की चर्चा झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची (Ranchi) में भी गली-नुक्कड़ पर होने लगी है. यहां रहने वाला मजदूर वर्ग चुनाव में वोट डालने के लिए रिक्शा, ठेला या ऑटोरिक्शा से घर जाकर मतदान (Vote) करना चाहता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 13, 2020, 6:53 PM IST
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रांची. चलो बुलावा आया है, बिहार ने बुलाया है. झारखंड की राजधानी रांची में इन दिनों ये लाइनें खूब सुनी जा रही हैं. बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) की रणभेरी बज चुकी है, लिहाजा रांची में बिहार के अलग-अलग जिलों के रहने वाले लोगों में मतदान करने को लेकर यही नारा गूंज रहा है. दरअसल, कोरोना काल (COVID-19 Era) में बड़ी संख्या में मजदूर बिहार से रोजगार के लिए रांची (Ranchi) पहुंचे थे. लेकिन अभी जबकि उनके गृहराज्य में चुनाव हो रहे हैं, तो उनका मन वोट डालने के लिए मचल उठा है.

रांची में बैठे मजदूरों के दिलों में मतदान को लेकर उत्साह का रंग भरने लगा है. पूर्णिया के रहने वाले रामबरन यादव रांची में रिक्शा चलाते हैं. कोरोना काल में जब पूर्णिया में रोजी-रोटी मिलना मुश्किल हो गया, तब रामबरन अप्रैल महीने में रांची चले आए थे. न्यूज़ 18 से बातचीत में रामबरन ने बताया कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वो बस या फिर दूसरे वाहनों से मतदान के लिए पूर्णिया जा सकें. लिहाजा उन्होंने अपने रिक्शे पर ही पत्नी को बैठाकर पूर्णिया जाने का मन बनाया है.

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ऐसी ही सोच मोतिहारी से पहुंचे अमन साहू, राजू पासी और वरुण शर्मा की है. तीनों ही रांची में ठेला चलाने का काम करते हैं, लेकिन जैसे ही चुनाव का जिक्र आया, तीनों ने अपने ठेले से ही मोतिहारी का सफर पूरा करने का मन बनाया है. अमन बताते हैं कि रांची से मोतिहारी की दूरी काफी ज्यादा है. लिहाजा तीनों बारी-बारी से ठेला चलाकर मोतिहारी में जाकर मतदान जरूर करेंगे और चुनाव के बाद ठेले से ही वापस रांची लौटेंगे.
ऑटो ड्राइवर भी हैं कतार में
वहीं नवादा के रहने वाले प्रकाश यादव भी पिछले 6 महीने से रोजगार के लिए रांची में शरण लिए हुए हैं. 65 वर्षीय प्रकाश बताते हैं कि वो रांची में ऑटो चलाने का काम करते हैं और अप्रैल महीने में अपने साथ पत्नी को भी नवादा से रांची लेकर आ गए थे. ऐसे में यह दंपति मतदान को लेकर ऑटो से ही नवादा जाने की योजना बना रहे हैं. प्रकाश बताते हैं कि वह भाड़े का ऑटो चलाते हैं. लेकिन अपने मालिक से गुजारिश करेंगे कि वह कम से कम 4 दिन के लिए अपनी ऑटो उन्हें दें, ताकि वह नवादा जाकर मतदान कर सकें.

उन्होंने बताया कि उनके पास इतने ज्यादा पैसे नहीं हैं कि वह अपनी पत्नी के साथ रांची से नवादा और फिर वापसी का सफर हजारों रुपए खर्च कर पूरा कर सकें. बहरहाल रांची के नुक्कड़ और चौपालों पर इन दिनों बिहार चुनाव को लेकर चर्चा जोरों पर है. बिहार में सरकार किसकी बनेगी और चुनाव में इस बार वोट किसे करना है. इस पर घंटों मंथन हो रहा है.लिहाजा अब मतदान की तारीखों के अनुसार बिहार जाने की योजना बनने लगी है.
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