रांची: छोटा सा हॉल और 30 जवान, भेड़-बकरियों की तरह दिन गुजार रही रेल पुलिस

कोरोनाकाल में खुद को सुरक्षित रखने के लिए दो गज की दूरी मैंटेन करना भी जवानों के लिए मुमकिन नहीं है.

Ranchi News: हटिया स्टेशन पर मिले एक छोटे से बैरक में 15 अधिकारियों समेत 45 जीआरपी के जवान भेड़-बकरियों की तरह रह रहे हैं.

  • Share this:
रांची. राजधानी रांची के हटिया स्टेशन (Hatia Station) पर जीआरपी के जवान (Rail Police) इनदिनों विपरीत हालातों से जूझकर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं. छोटे से बैरक में रहने वाले ये जवान संक्रमण के हालात में सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं कर पा रहे. पिछले कई सालों से ये लोग इसी तरह से जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं. हटिया स्टेशन पर मिले एक छोटे से बैरक में 15 अधिकारियों समेत 45 जीआरपी के जवान भेड़-बकरियों की तरह रह रहे हैं.

दरअसल बैरेक में एक हॉल और दो छोटे कमरे हैं, जिसमें अफसर समेत 60 जवानों को एडजस्ट करना पड़ रहा है. जवानों की मानें तो कोरोना संक्रमण काल में एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का भी पालन वे ठीक से नहीं कर पा रहे. समस्या रात में ज्यादा बढ़ जाती है. जब एक ही हॉल में 30 जवान सोने को मजबूर होते हैं.

पहचान छिपाने की शर्त पर एक जवान ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी जवानों की सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा. अगर कोई जवान कोरोना से संक्रमित हो गया तो ऐसे हालात में दूसरे जवानों के बीच संक्रमण फैलने में देर नहीं लगेगी.

45 जीआरपी जवानों की समस्या सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती, बल्कि उनका भोजन भी एक छोटे से मेस के भरोसे है. इस मेस में लकड़ियों के सहारे सुबह नाश्ते से लेकर रात तक खाना बनाया जाता है. बारिश में लकड़ियों के गीली हो जाने से परेशानी दोगुनी बढ़ जाती है. ऐसे में जीआरपी जवान खुद के लिए एक बड़े बैरक और अधिकारियों के लिए क्लब के साथ एक बड़े बैरक की मांग कर रहे हैं. साथ ही फिलहाल की जरूरत के लिए मेस में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की मांग की है.

वही एक जवान ने बताया कि बैरक में कई जगहों पर बिल है. जिससे सांप और चूहे का खतरा हमेशा बना रहता है. कई जवानों ने बताया कि चूहों ने उनके कपड़ों और सामानों को बर्बाद कर दिया है. जवानों ने सभी बिल को ईंट और पत्थरों से ढक कर रखा है.

जब हमने जीआरपी जवानों की समस्याओं की जानकारी फोन पर ऊपर के अधिकारियों को दी. तो हमें बताया गया कि कोरोना संक्रमण काल में फिलहाल किसी नए काम के लिए राशि निर्गत नहीं की जा रही. लेकिन जवानों की बुनियादी सुविधाएं जरूर मिलनी चाहिए. इस बात को अधिकारियों ने भी स्वीकार किया.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.