आदिवासी छात्र संगठनों ने जेपीएससी के खिलाफ निकाला विरोध मार्च

छात्रों का कहना है कि जेपीएससी ने पीटी परीक्षा में आरक्षण के नियमों का पालन नहीं करते हुए 15 गुणा से ज्यादा रिजल्ट जारी कर दिया.

Naushad Alam | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: February 15, 2018, 2:33 PM IST
आदिवासी छात्र संगठनों ने जेपीएससी के खिलाफ निकाला विरोध मार्च
आदिवासी छात्रों का प्रदर्शन
Naushad Alam | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: February 15, 2018, 2:33 PM IST
राजधानी रांची में आदिवासी छात्र संगठनों ने जेपीएससी के खिलाफ प्रदर्शन किया. छठी जेपीएससी की पीटी परीक्षा में आरक्षण के नियमों का पालन नहीं किये जाने के विरोध में छात्र संगठनों ने विरोध मार्च किया. विरोध मार्च पुरानी जेल परिसर से शुरू होकर कोकर स्थित बिरसा मुंडा समाधिस्ठल तक गया.

छात्रों का कहना है कि जेपीएससी ने पीटी परीक्षा में आरक्षण के नियमों का पालन नहीं करते हुए 15 गुणा से ज्यादा रिजल्ट जारी कर दिया. ये छात्रों को ठगने की चाल है. अगर आगे इसमें सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा. पहले की पीटी परीक्षाओं में सीट का 15 गुणा रिजल्ट ही जारी किये गये थे. छात्रों का आरोप है जेपीएससी और कार्मिक विभाग के हठ के चलते उन्हें सड़क पर उतरना पड़ रहा है. जबकि सरकार के तमाम नियमावली आरक्षण देने की वकालत करती है.

हाल में ही सरकार ने जेपीएससी की छठी परीक्षा में छात्रों को बड़ी राहत दी. न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने की मंजूरी कैबिनेट ने दे दी. बता दें कि 29 जनवरी को आयोजित होनेवाली मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी. पहले जहां छह हजार अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले थे, वहीं सरकार के फैसले से 34 हजार अभ्यर्थी को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा.

नियमावली के तहत पहले से न्यूनतम अंक तय हैं. इसके तहत सामन्य श्रेणी के लिए 40 फीसदी, पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5, अति पिछड़ा के लिए 34 , एसटी-एससी के लिए 32 और महिलाओं के लिए 32 फीसदी न्यूनतम अंक तय है. नयी व्यवस्था केवल छठी जेपीएससी के लिए की गई.

 

 
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