पत्थलगड़ी के बाद जागा प्रशासन, गांव में विकास मेला का आयोजन

खूंटी से शुरू होकर आज झारखंड के सिमडेगा, सराईकेला, चाईबासा सहित कई जिले पत्थलगड़ी की आग में झुलस रहे हैं. सरकार के लिए नक्सली से भी ज्यादा पत्थलगड़ी समर्थकों ने चुनौती खड़ी कर दी है. ऐसे समय में सरकार ने सुदूर क्षेत्रो में लोगों को सरकारी लाभ देने की कवायद शुरू की है.

News18 Jharkhand
Updated: June 15, 2018, 12:36 AM IST
पत्थलगड़ी के बाद जागा प्रशासन, गांव में विकास मेला का आयोजन
विकास मेला के जरिए ग्रामीणों को दिया गया सरकारी योजनाओं का लाभ
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Updated: June 15, 2018, 12:36 AM IST
खूंटी और रांची जिला के बॉर्डर बारहातु गांव में विकास मेला के बहाने सरकार ने पत्थलगड़ी को रोकने की कवायद शुरू कर दी है. विकास मेला में रांची उपायुक्त राय महिमापत रे और एसएसपी कुलदीप द्विवेदी ने उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन, किसानों को कृषि यंत्र, छात्र- छात्राओं को किताब-कॉपी बांटे. लगभग पांच सौ लाभुकों के बीच सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया.

बता दें कि पिछले साल खूंटी से शुरू होकर आज झारखंड के सिमडेगा, सराईकेला, चाईबासा सहित कई जिले पत्थलगड़ी की आग में झुलस रहे हैं. सरकार के लिए नक्सली से भी ज्यादा पत्थलगड़ी समर्थकों ने चुनौती खड़ी कर दी है. ऐसे समय में सरकार ने सुदूर क्षेत्रो में लोगों को सरकारी लाभ देने की कवायद शुरू की है.

सरकार ने अगर यह सब पहले किया होता तब शायद आज पत्थलगड़ी और सरकार विरोधी शक्तियों से लोग इतनी तेजी से नहीं जुड़ते. आज सरकार जिस तरह से सरकार आपके द्वार और विकास मेला के जरिए लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है उससे ऐसा लगता है कि सरकार ने काफी समय बीत जाने के बाद ऐसा सकारात्मक कदम उठाया है.

विकास मेले में रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे ने कहा कि पीएम मोदी के निर्देश पर गांव के हर तबके के लोगों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार और प्रशासन का दायित्व है. उन्होंने इस विकास मेले को एक शुरुआत बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम अन्य जगहों पर भी आयोजित किए जाएंगे.
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