झारखंड: 2 महीने बाद फैक्ट्रियों में कामकाज शुरू, मजदूरों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
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झारखंड: 2 महीने बाद फैक्ट्रियों में कामकाज शुरू, मजदूरों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
झारखंड में फैक्ट्रियों में कामकाज शुरू

फैक्ट्री संचालकों ने राज्य सरकार से फिक्स बिजली बिल (Electricity Bill) माफ करने की मांग की है. साथ ही बैंकों (Banks) की ओर से एमएसएमई चार्ज काटे जाने पर भी ऐतराज जताया है.

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रांची. झारखंड में करीब सवा दो महीने बाद फैक्ट्रियों (Factories) में मशीनों की गूंज उठने लगी है. लिहाजा श्रमिकों (Laborers) के चेहरे पर रौनक लौट आई है. लेकिन उद्योग जगत और फैक्ट्री संचालक दोनों ही मानते हैं कि हालात से उबरने में अभी समय लगेगा, क्योंकि राज्य सरकार की विशेष मदद के बिना पुरानी स्थिति में लौटना संभव नहीं है.

अनलॉक 1.0 को लेकर राज्य सरकार की नई एडवाइजरी के बाद प्रदेश की फैक्ट्रियों में रौनक लौट रही है. फैक्ट्रियों में कामकाज शुरू होने से श्रमिक और मजदूरों के चेहरों पर जहां मुस्कान आई है. वहीं, फैक्ट्रियों के संचालक यह मानकर चल रहे हैं कि हालात से उबरने में अभी कुछ वक्त लगेगा. रांची के तुपुदाना इंडस्ट्रियल एरिया में पूरे जोश और लगन के साथ काम कर रहे श्रमिकों का मानना है कि कोरोनाबंदी की वजह से उनके सामने रोजी रोटी की समस्या आ गई थी, लेकिन अब फैक्टरियों के शुरू होने से जिंदगी की राह थोड़ी आसान लग रही है.

मध्यम और बड़ी इंडस्ट्रीज में भी चहल-पहल बढ़ी



प्रदेश की मध्यम और बड़ी फैक्ट्रियों में भी काम शुरू होने से चहल-पहल बढ़ी है. यहां काम करने वाले स्किल्ड श्रमिक मानते हैं कि लॉकडाउन के चलते पिछले दिनों हालात काफी मुश्किलों भरे गजुरे. नंद किशोर महतो और रामू नायक जैसे दूसरे श्रमिक भी बताते हैं कि कई बार काम बंद होने से उन जैसे कामगारों को निराशा का भी सामना करना पड़ा, लेकिन अब काम शुरू होने से परेशानियां खत्म होती नजर आ रही है.



उद्योग जगत को राज्य सरकार से ये उम्मीदें

उद्योग जगत और झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स ने केंद्र सरकार के चैंपियन पोर्टल को MSME के लिए अच्छी पहल बताया है. चैंबर अध्यक्ष कुणाल आजमानी ने इसे प्रदेश के छोटे, लघु और मध्यम वर्ग के उद्योगों के लिए फायदेमंद बताया है. हालांकि उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बशर्ते इसका फायदा उठाये. वहीं फैक्ट्री संचालक भी मानते हैं कि राज्य सरकार को सिंगल विंडो सिस्टम को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाना होगा, ताकि आर्थिक बदहाली से निपटा जा सके.

फैक्ट्री संचालकों ने सरकार से फिक्स बिजली बिल माफ करने की भी मांग की है. साथ ही बैंकों की ओर से एमएसएमई चार्ज काटे जाने पर भी ऐतराज जताया है. प्रदेश के उद्योग जगत ने एकसुर से बताया कि केन्द्र के आर्थिक पैकेज का लाभ झारखंड के लिए तभी फायदेमंद होगा, जब सरकार इंडस्ट्री को बचाने के लिए रोडमैप बनाएगी. और एक टास्क फोर्स बनाकर इस पर काम करेगी.

रिपोर्ट- संजय कुमार सिन्हा

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