AICC के बाद अब झारखंड में भी अंतरिम अध्यक्ष चुनने की तैयारी में कांग्रेस, ये है वजह

Jharkhand Congress-राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद पूरे कांग्रेस में अफरा-तफरी का माहौल था. केंद्रीय नेतृत्व से लेकर प्रदेशों में अंतर्कलह चरम पर थी, जिसकी एक बानगी झारखंड में भी दिखी. जबकि अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी (All India Congress Committee) के तर्ज पर अब झारखंड कांग्रेस में भी अंतरिम अध्यक्ष चुनने की कवायद शुरू हो गयी है.

Ranjeeta Jha | News18 Jharkhand
Updated: August 13, 2019, 5:38 PM IST
AICC के बाद अब झारखंड में भी अंतरिम अध्यक्ष चुनने की तैयारी में कांग्रेस, ये है वजह
अंतरिम अध्‍यक्ष के साथ कांग्रेस जातीय गणित भी साधना चाहती है. (फाइल फोटो)
Ranjeeta Jha
Ranjeeta Jha | News18 Jharkhand
Updated: August 13, 2019, 5:38 PM IST
अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी (All India Congress Committee) की तर्ज पर अब झारखंड (Jharkhand Congress) कांग्रेस में भी अंतरिम अध्यक्ष चुनने की कवायद शुरू हो गयी है. झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.अजोय कुमार के इस्तीफे के बाद पार्टी आनन-फानन में विधानसभा चुनाव को देखते हुए अंतरिम व्यवस्था करने में जुट गई है.

बहरहाल, राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद पूरे कांग्रेस में अफरा-तफरी का माहौल था. केंद्रीय नेतृत्व से लेकर प्रदेशों में अंतर्कलह चरम पर थी, जिसकी एक बानगी झारखंड में भी दिखी. लोकसभा चुनाव में हार की समीक्षा को लेकर प्रदेश में हुई बैठक में झारखंड कांग्रेस के दो गुटों में जमकर आरोप-प्रत्‍यारोप तो हुआ ही बात तब और बिगड़ गयी जब प्रदेश अध्यक्ष कुमार और सुबोधकांत सहाय के समर्थकों के बीच बैठक में मारपीट तक की नौबत आ गयी, जिसके बाद पुलिस को भी प्रदेश मुख्यालय में बुलाना पड़ा.

जब दिल्‍ली तलब हुए सूबे के बड़े नेता
चुनाव के वक्त प्रदेश में पार्टी की हालत को देखते हुए कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने झारखंड कांग्रेस के बड़े नेता, विधायक, पूर्व मंत्री और पूर्व अध्यक्षों को दिल्ली तलब किया. कांग्रेस मुख्यालय में केसी वेणुगोपाल और झारखंड के प्रभारी आरपीएन सिंह के साथ हुई बैठक के बाद दिए गए दिशा निर्देश भी काम नहीं आए. बैठक के कुछ दिन बाद ही अलग-थलग पड़ चुके प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजोय कुमार ने चार पन्ने का इस्तीफा राहुल गांधी को भेज दिया, जिसमें उन्होंने प्रदेश के सभी नेताओं का नाम लेकर सीधा आरोप लगाया. प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद बिना कप्तान के झारखंड कांग्रेस को वापस पटरी पर लाने के लिए कांग्रेस आलाकमान अब अंतरिम व्यवस्था करने में जुटी है.

क्या है कांग्रेस का नया फॉर्मूला?
>>पार्टी नेतृत्व विधानसभा चुनाव को देखते हुए अब सामुहिक नेतृत्व की ओर बढ़ने का फैसला कर सकती है, जिसके तहत सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं को कुछ न कुछ जिम्मेदारी दी जाए.
>>झारखंड में पार्टी अंतरिम अध्यक्ष पर भी विचार कर रही है, क्योंकि पार्टी को ऐसा लगता है कि चुनाव के वक्त किसी नए चेहरे को मौका देकर पार्टी में आंतरिक गुटबाजी को हवा मिलेगी. अंतरिम अध्यक्ष के लिए पार्टी पूर्व अध्यक्षों में से किसी एक को अंतरिम जिम्मेदारी दी सकती है.
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>>कांग्रेस आलाकमान ये भी विकल्प तलाश रही है कि पार्टी की जिम्मेदारी प्रमंडल वाइज नेताओं में बांट दी जाए.

झारखंड में पांच प्रमंडल हैं.
1.पलामू प्रमंडल -गढ़वा, पलामू, लातेहार.
2. उत्तर छोटानागपुर मंडल -चतरा, हजारीबाग गिरिडीह, कोडरमा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़.
3.दक्षिण छोटानागपुर मंडल -रांची, लोहरदगा गुमला, सिमेददेगा, खूंती.
4.कोल्हा मंडल -वेस्ट सिंहभूम, सरीखेला खारसवान, पूर्वसिंह भूम.
5.संथाल परगना मंडल- देवघर, जमतारा, दुमका, गोदाडा, पाकुर, साहबगंज.


वैसे पार्टी की रणनीति है कि पांच प्रमंडल का प्रभार पांच नेताओ को सौंपने से एक तो जातीय समीकरण को साधा जा सकता है और दूसरा पार्टी के पांच बड़े नेताओं को जिम्मेदार देकर आपसी गुटबाजी को भी खत्म किया जा सकता है. लिहाजा पार्टी विधानसभा चुनाव को देखते हुए जल्द ही निर्णय लेने का मन बना चुकी है, ताकि कम से कम समय मे पार्टी हुए नुकसान की भरपाई कर चुनावी मैदान में उतर सके.

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First published: August 13, 2019, 5:31 PM IST
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