झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल में दलालों का गोरखधंधा, वेंटिलेटर बेड का रेट 50 हज़ार!

रांची स्थित रिम्स.

रांची स्थित रिम्स.

प्रदेश की राजधानी में स्थित सबसे बड़े अस्पताल में कोरोना काल में भटक रहे मरीज़ों को दाखिले के लिए दलालों की शरण में जाना पड़ रहा है और ये दलाल एक बेड के लिए हज़ारों रुपये मरीज़ों से झटक रहे हैं.

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रांची. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच कुछ लोग आपदा में अवसर तलाश करने में जुटे हैं. रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में दलाल कोरोना के संक्रमित मरीज़ों को भर्ती करने के नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठ रहे हैं. यह बात किसी से छुपी नहीं है कि रिम्स में दलालों का कब्ज़ा है. लेकिन वैश्विक महामारी के कठिन समय में दलालों की सक्रियता और बढ़ जाने से पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

ताज़ा मामले के मुताबिक दलाल ट्रॉमा सेंटर में बेड दिलाने के नाम पर 30 से 50 हजार रुपए मांग रहे थे. इस आशय का एक ऑडियो वायरल होने के बाद बरियातू थाने ने कार्रवाई करते हुए 3 दलालों को धर दबोचा. गिरफ्तार आरोपियों में एक रिम्स का वार्ड बॉय है तो दूसरा एक निजी अस्पताल का कर्मचारी और एक आरोपी बरियातू इलाके में ही चाउमीन दुकान चलाने वाला है.

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कुछ ऐसी हैं दलालों की दलीलें
कोरोना काल में सक्रिय दलाल के तेवर देखिए कि जब एक मरीज़ के परिजन ने फोन कर बेड दिलाने की गुहार लगाई तो दलाल ने कहा कि ऑक्सीजन युक्त बेड के लिए 30 हजार देने पड़ेंगे, जबकि वेंटीलेटर के लिए 50 हजार. दलाल कह रहा था कि प्राइवेट हॉस्पिटल में 4 से 5 लाख रुपए खर्च होंगे लेकिन रिम्स जैसी व्यवस्था कहीं और नहीं मिलेगी.

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रिम्स में दलाली के आरोप में गिरफ्तार आरोपी.


दलाल यह कहते हुए भी पाया गया कि 'मरीज़ को एडमिट करने के बाद ही आपसे पैसा लिया जाएगा. मेरा आदमी ट्रॉमा सेंटर में खड़ा है, आप उससे संपर्क कीजिए. वो आपके मरीज़ को भर्ती करा देगा.' अब सवाल यह खड़ा होता है कि दलालों के इस नेटवर्क के पीछे मास्टरमाइंड कौन लोग हैं और कितने लोगों का नेटवर्क कैसे काम कर रहा है?



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इस मामले में पुलिस गिरफ्त में आए रिम्स के आरोपी वार्ड बॉय ने अपना जुर्म तो कैमरे के सामने स्वीकार किया लेकिन फिलहाल यह नहीं बताया कि उसके पीछे कौन लोग हैं. बरियातू थाने के एसआई अनुभव सिन्हा का कहना है कि जांच की जा रही है और इस पूरे गोरखधंधे में कौन लोग शामिल हैं, इसकी पड़ताल के बाद मुख्य आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा.
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