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क्या झारखंड में कर्ज माफी के नाम ठगे जा रहे हैं किसान? जानें कैसे वादाखिलाफी कर रही सरकार

क्या झारखंड में कर्ज माफी के नाम ठगे जा रहे हैं किसान? जानें कैसे वादाखिलाफी कर रही सरकार

झारखंड में किसानों की ऋण माफी पर हेमंत सोरेन सरकार ने वादाखिलाफी की.

झारखंड में किसानों की ऋण माफी पर हेमंत सोरेन सरकार ने वादाखिलाफी की.

Jharkhand News: झारखंड में किसानों की कर्ज माफी की हकीकत यह है कि चुनाव के वक्त 2 लाख रुपये तक कर्ज माफ करने का वादा किया गया था. पर राज्य में सरकार गठन के बाद कांग्रेस के समर्थन वाली हेमंत सोरेन सरकार ने यू टर्न लिया और 50 हजार रुपये तक का कर्ज माफी का ऐलान किया. पहले चरण में 9 लाख 2 हजार किसान को लाभ देने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक मात्र 5 लाख 79 हजार किसान का डेटा अपलोड हो सका है.

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रांची. झारखंड में किसानों की कर्ज माफी पर ढोल पीटने वाली कांग्रेस समर्थित हेमंत सोरेन सरकार (Hemant Soren Government) कठघरे में खड़ी नजर आ रही है. राज्य में हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली सरकार गठन के बाद से अब तक पहले चरण के तय ऋण माफी का महज 25 प्रतिशत किसानों को इसका लाभ मिल पाया है. जबकि, नये आवेदकों की संख्या भी 8 लाख के पार पहुंच चुकी है. सरकार के तमाम दावों के बावजूद कर्ज के बोझ तले दबे किसान दर – दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं. झारखंड के किसानों के साथ कर्ज माफी के नाम पर बड़ा धोखा हुआ है. चुनावी दंगल में 2 लाख रुपये तक की कर्ज माफी का वादा करने वाली कांग्रेस समर्थित हेमंत सोरेन सरकार ने पहले यू टर्न लिया. अब 50 हजार रुपये तक की कर्ज माफी में भी लगातार पिछड़ रही है. ये हम नहीं बल्कि कृषि विभाग के आंकड़े  गवाही दे रहे हैं.

झारखंड में किसानों की कर्ज माफी की हकीकत यह है कि चुनाव के वक्त 2 लाख रुपये तक कर्ज माफ करने का वादा किया गया था. पर राज्य में सरकार गठन के बाद कांग्रेस के समर्थन वाली हेमंत सोरेन सरकार ने यू टर्न लिया और 50 हजार रुपये तक का कर्ज माफी का ऐलान किया. पहले चरण में 9 लाख 2 हजार किसान को लाभ देने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक मात्र 5 लाख 79 हजार किसान का डेटा अपलोड हो सका है. राज्य में अब तक मात्र 2 लाख 58 हजार किसानों को कर्ज माफी का लाभ मिलने का मतलब 1036 करोड़ का ऋण माफ होना होता है. नये 8 लाख 40 हजार किसानों के आवेदन को स्वीकृति दी गई है.

रांची के पिठौरिया को कृषि बहुल क्षेत्र के रूप में जाना जाता है. यहां हर मौसम में किसानों के खेत फसल से लहलहाते नजर आ जाएंगे. लेकिन जब बात कर्ज माफी की हो तो राज्य सरकार के खिलाफ गुस्सा भी छिपाए नहीं छिपता. पिठौरिया के अजय महतो ने कहा कि  कर्ज माफी के लिये प्रज्ञा केंद्र से लेकर बैंक तक चक्कर लगाते – लगाते थक गया हूं. कोई कर्ज माफी के मामले में कुछ ठोस जवाब देने को तैयार नहीं. कुछ ऐसा ही हाल पिठौरिया के शिवराम महतो का है. शिवराम ने अब कर्ज माफी का मोह त्याग दिया है.

देश में पिछले कुछ महीनों से किसान आंदोलन का मुद्दा चर्चा में है. कांग्रेस इस आंदोलन में बढ़ – चढ़ कर हिस्सा भी ले रही है. झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख भी किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिये आंदोलन स्थल का दौरा कर चुके हैं, लेकिन जब राज्य के किसानों की कर्ज माफी में सुस्ती का सवाल सामने आता है तो आप कृषि मंत्री बादल पत्रलेख तकनीकी दिक्कत का रोना रो रहे हैं. उनके मुताबिक पिछले कुछ माह से तकनीकी दिक्कत की वजह से एक ही किसान को एक से ज्यादा बार का लाभ मिल रहा था. इस वजह से कर्ज माफी की प्रक्रिया में ब्रेक लग गई थी.

राज्य में मौजूदा हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ बीजेपी ने विरोध का झंडा बुलंद कर रखा है. खास कर किसानों की कर्ज माफी की बात करें तो बीजेपी खेत में धरना – प्रदर्शन तक कर चुकी है. बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव का साफ कहना है कि राज्य में कांग्रेस समर्थित सरकार कर्ज माफी के नाम पर किसानों को बेवकूफ बनाने लगी है. किसानों के दर्द से इस सरकार का कोई लेना देना नहीं.

किसानों की कर्ज माफी के नाम पहले एक साल तक राज्य सरकार ने टाल – मटोल की राजनीति अपनाई, फिर इसके घोषणा के बाद जब कर्ज माफी की गाड़ी आगे बढ़ी तो राशि की कमी ने ब्रेक लगाया. जब राशि उपलब्ध हुई तो कर्ज माफी के सिस्टम में तकनीकी बाधा आने से किसानों का सपना टूट गया. अब एक बार फिर से कर्ज माफी की प्रक्रिया शुरू होने का दावा किया जा रहा है. देखना है इस बार राज्य सरकार किसानों के साथ कितना न्याय कर पाती है.

Tags: CM Hemant Soren, Hemant soren government, Jharkhand news, Loan, Ranchi news

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