शहीद के परिवार को 6 साल बाद भी नहीं मिला मुआवजा, विरोध में सदन के बाहर अनशन पर बैठे विधायक

आजसू विधायक लंबोदर महतो विधानसभा के बाहर अनशन पर बैठे हुए हैं.

आजसू विधायक लंबोदर महतो विधानसभा के बाहर अनशन पर बैठे हुए हैं.

Jharkhand Assembly: तेनुघाट के घरवाटांड़ निवासी विनोद यादव 4 अप्रैल 2014 को छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे. उनके परिवार को अबतक मुआवजा नहीं मिला है.

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रांची. झारखंड विधानसभा (Jharkhand Assembly) का बजट सत्र चल रहा है. शुक्रवार को सदन के बाहर आजसू विधायक लंबोदर महतो भूख हड़ताल पर बैठ गये. विधायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों से हुए मुठभेड़ में शहीद विनोद यादव के आश्रितों को अब तक किसी तरह का कोई मुआवजा नहीं मिला है. लंबोदर महतो की मांग है कि शहीद के परिवार को उचित सम्मान और मुआवजा दिया जाए.

विधायक लंबोदर महतो ने कहा कि विभागीय लापरवाही और अधिकारियों की मनमानी के कारण सदन के अंदर आवाज उठाए गए मुद्दों पर सिर्फ आश्वासन मिल जाता है, लेकिन जब धरातल में काम करने की बारी आती है तो नहीं हो पाता है. इन्हीं मुद्दों को लेकर सदन के बाहर में भूख हड़ताल पर बैठे हैं.

तेनुघाट के घरवाटांड़ निवासी विनोद यादव 4 अप्रैल 2014 को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बुर्कापाड़ा में नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे. अप्रैल 2014 को झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस के तत्कालीन सांसद सुबोधकांत सहाय ने शहीद विनोद यादव के परिवार को सरकार की ओर से मुआवजा और आश्रितों को नौकरी देने की घोषणा की थी. लेकिन 6 साल बीत जाने के बाद भी शहीद के परिजनों को ना तो मुआवजा मिला और ना ही नौकरी.

विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी इस विषय में उनके चेंबर में मुलाकात हुई थी. उनकी ओर से उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया. पर अबतक ना तो परिवारवालों को मुआवजा मिला है और ना ही नौकरी. पेट्रोल पंप देने की घोषणा भी पूरी नहीं की गई.

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