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तमाड़ के आजसू विधायक विकास सिंह मुंडा 19 अक्टूबर को थामेंगे जेएमएम का दामन

News18 Jharkhand
Updated: October 17, 2019, 10:46 PM IST
तमाड़ के आजसू विधायक विकास सिंह मुंडा 19 अक्टूबर को थामेंगे जेएमएम का दामन
विकास सिंह मुंडा आजसू में रहते हुए कई बार पार्टी लाइन से बाहर जाकर अपनी बातों को रखा था. इसलिए पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया.

विकास सिंह मुंडा (Vikash Singh Munda) ने कहा कि आजसू (AJSU) की कथनी और करनी में काफी अंतर है. पार्टी लोगों की कम, खुद के स्वार्थ पर ज्यादा ध्यान देती है.

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रांची. तमाड़ के विधायक (AJSU MLA) और आजसू नेता विकास सिंह मुंडा (Vikash Singh Munda) जल्द जेएमएम (JMM) का दामन थामेंगे. गुरुवार को उन्होंने इसकी घोषणा की. विकास मुंडा ने कहा कि आगामी 19 अक्टूबर को जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन (Shibu Soren) और नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के सामने वह जेएमएन की सदस्यता ग्रहण करेंगे. विकास सिंह मुंडा पूर्व मंत्री स्वर्गीय रमेश सिंह मुण्डा (Ramesh Singh Munda) के बेटे हैं. उनके परिवार का जेएमएम से पुराना रिश्ता रहा है.

विकास सिंह मुंडा आजसू में रहते हुए कई बार पार्टी लाइन से बाहर जाकर अपनी बातों को रखा था. इसलिए उन्हें पार्टी ने निलंबित कर दिया. लोकसभा चुनाव के दौरान ही ये चर्चा थी कि वह जेएमएम का दामन थाम सकते हैं. आखिरकार गुरुवार को जेएमएम कार्यालय पहुंच उन्होंने इसकी घोषणा की. इस दौरान जेएमएम महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य और प्रवक्ता मनोज पांडेय भी उपस्थित थे.

आजसू की कथनी-करनी में अंतर

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि माफियाओं ने साजिश रचकर पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा की हत्या कराई थी. वहीं विकास सिंह मुंडा ने कहा कि आजसू की कथनी और करनी में काफी अंतर है. पार्टी लोगों की कम, खुद के स्वार्थ पर ज्यादा ध्यान देती है. जिस कारण उन्होंने जेएमएम में जाने का फैसला लिया. उन्होंने कहा कि उनके पिता उनके आदर्श रहे हैं. वे जो कहते थे, वही करते थे. उनके भी स्वभाव में पिता का ही गुण है. महागठबंधन के तहत तमाड़ सीट जेएमएम के पास रहेगी या नहीं, इस पर विकास मुंडा ने गोलमोल जवाब दिया.

2008 में हुई थी रमेश सिंह मुंडा की हत्या

बता दें कि 9 जुलाई 2008 को बुंडू के एसएस हाई स्कूल में एक समारोह के दौरान तमाड़ के तत्कालीन विधायक व मंत्री रमेश सिंह मुंडा की हत्या कर दी गई थी. इस मामले की पहले रांची पुलिस और फिर सीआइडी ने जांच की. इसके बाद एनआइए ने 28 जून 2017 को उक्त मामले को टेकओवर किया. इसमें प्राथमिकी दर्ज कर राष्ट्रीय जांच एजेंसी पूरे मामले की पड़ताल कर रही है. इस मामले में एनआईए ने पूर्व मंत्री राजा पीटर, कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन और विधायक के अंगरक्षक शेष नाथ खरवार सहित 15 अभियुक्तों पर चार्जशीट दाखिल की है. एनआइए ने कोर्ट में राजा पीटर को इस कांड का मुख्य साजिशकर्ता बताया है. फिलहाल राजा पीटर इस मामले में जेल में बंद हैं.

इनपुट- ओमप्रकाश
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First published: October 17, 2019, 10:37 PM IST
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