Home /News /jharkhand /

झारखंड: पहले से मौजूद उद्योग मांग रहे संजीवनी, कैसे आएंगे नये निवेश?

झारखंड: पहले से मौजूद उद्योग मांग रहे संजीवनी, कैसे आएंगे नये निवेश?

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नई दिल्ली में दो दिवसीय इमरजिंग झारखंड का आयोजन करने जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नई दिल्ली में दो दिवसीय इमरजिंग झारखंड का आयोजन करने जा रहे हैं.

झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स से जुड़े कई कारोबारी यह मानते हैं कि राज्यभर में पहले से मौजद पुरानी फैक्ट्रियां आज बेजान पड़ी हैं. उन्हें जिंदा करने के लिए हेमंत सरकार (Hemant Govt) के पास फिलहाल कोई नीति है.

रांची. झारखंड में उद्योग विस्तार और पूंजी निवेश के मकसद से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) नई दिल्ली में दो दिवसीय इमरजिंग झारखंड (Emerging Jharkhand) का आयोजन करने जा रहे हैं. दो दिवसीय इस कार्यक्रम का मकसद राज्य में इंडस्ट्री लगाने के लिए इनवेंस्टर्स को लुभाना है. लेकिन मुख्यमंत्री की यह कोशिश कारोबार जगत में सरकार की नीति और नीयत की कसौटी पर कसी जा रही है. झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स से जुड़े कई कारोबारी यह मानते हैं कि राज्यभर में पहले से मौजद पुरानी फैक्ट्रियां आज बेजान पड़ी हैं. उन्हें जिंदा करने के लिए राज्य सरकार के पास फिलहाल कोई नीति नजर नहीं आ रही है. ऐसे में नये इनेवस्टर्स का भरोसा जीतने में मुख्यमंत्री कितने कामयाबी होंगे. ये अपने आप में एक बड़ा सवाल है.
राज्यभर में इंडस्ट्री को लेकर जो परेशानियां हैं, उनमें मुख्य रूप से
* शिथिल पड़ा सिंगल विंडो सिस्टम
* लैंड बैंक बेअसर साबित
* बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी
* राज्य सरकार की जरूरतों में लोकल इंडस्ट्री को शामिल नहीं करना
|* सब्सिडी के लाभ से टेक्सटाइल्स समेत कई जरूरतमंद  कंपनियां वंचित
* MSME के लैंड ऑक्शन के लिए अलग स्लॉट नहीं
*   लैंड एलॉटमेंट में कई विसंगतियां
* लाइसेंस रिनुअल में चलता है पैसे का खेल
* कोरोना काल में भी सरकार के पास कई स्पष्ट नीति नहीं

सिंगल विंडो सिस्टम फेल

झारखंड चैंबर के पूर्व अध्यक्ष दीपक मारू की माने तो पिछली रघुवर सरकार में शुरू की गयी सिंगल विंडो सिस्टम आज की तारीख में पूरी तरह फेल है. कारोबारियों को यह पता ही नहीं चल पा रहा कि अपनी जरूरतों को लेकर वह किसके पास जाएं. दरअसल इंडस्ट्री छोटी हो या बड़ी, उसकी बेसिक जरूरतों को निर्बाध रूप से पूरा होना बेहद जरूरी है. खासकर जमीन की अनुपलब्धता और महंगी बिजली की समस्या से कारोबारी बेहद परेशान हैं. ऊपर से इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्री और पॉल्य़ूशन विभाग में किसी भी तरह की फाइलों का निष्पादन नहीं कर फाइलों को लटकाया जा रहा है.

दीपक मारू ने बताया कि जियाडा के अंडर में लैंड बैंक में भी लैंड एलॉटमेंट को लेकर कई विसंतियां हैं. जिसके कारण देवघर के देवीपुर में जमीन का भुगतान करने के बावजूद उद्योगपतियों को जमीन नहीं मिल पा रही. उन्होंने बताया कि सब्सिडी राज्य में एक बड़ा मसला है. टेक्सटाइल्स समेत कई जरूरतमंद इंडस्ट्रियां सब्सिडी नहीं मिलने से बुरी हालत में हैं.

चैंबर के पूर्व अध्यक्ष ने बताया कि नीति ऐसी होनी चाहिए कि राज्य सरकार की तमाम जरूरतों का सामान लोकल इंडस्ट्री से खरीदने की बाध्यता हो. साथ ही MSME इंडस्ट्री के लिए अलग से लैंड ऑक्शन की व्यवस्था की जाए. साथ ही उन्हें जमीन बेचने की नीयत से ऑक्शन नहीं कराया जाए. बल्कि उद्योग से टैक्स और रोजगार उपलब्धता में ही सरकार को अपना प्रॉफिट देखना चाहिए.

चैंबर के पूर्व अध्यक्ष कुणाल आजमानी भी मानते हैं कि आज हालात पहले खुद अपना घर सुधारकर ही दूसरों को बुलाने की होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि बुनियादी सुविधाओं की कमी से राज्य की पुरानी फैक्ट्रियां अभी तक जूझ रही हैं. वहीं सिंगल विंडो सिस्टम जमीन पर नहीं आने से कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. लैंड बैंक अब कहीं से भी कारगर स्थिति में नहीं है.

रांची के तुपुदाना इंडस्ट्रीयल एरिया के कई कारोबारी मानते हैं कि किसी भी इन्वेस्टर्स को आप झूठी चीजें दिखाकर राज्य में नहीं बुला सकते. तुपुदाना के एक फैक्ट्री के संचालक रंजीत टिबड़ेवाल की माने तो राज्य में पहले से काम कर रही फैक्ट्रियों की स्थिति देखकर ही नये इन्वेस्टर्स प्रभावित होते हैं. उन्होंने बताया कि राज्य के पुरानी इंडस्ट्री ही वास्तव में प्रदेश के सच्चे एंबेसडर होते हैं. उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री को लगाने के लिए जमीन की प्रक्रिया बेहद जटिल है. भुगतान और वादे के बाद भी इंडस्ट्री के लिए जमीन समय पर मुहैया नहीं हो पाती.

हालांकि कई कारोबारी नाम नहीं बताने की शर्त पर यह बोलने से भी गुरेज नहीं करते कि लाइसेंस रिनुअल करने के समय जमकर पैसे का खेल चलता है. और ऐसे में नुकसान में चल रही कंपनियों को चला पाना काफी मुश्किल साबित होता है.

Tags: CM Hemant Soren, Hemant soren government, Industrial units, Jharkhnad news, Ranchi news

विज्ञापन
विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर