Home /News /jharkhand /

amazing meet pannalal who saved 10 lives in trikut ropeway accident nodaa

त्रिकुट पर्वत रोपवे हादसा: न डरे, न डिगे! देवदूत बन हवा में लटके पन्नालाल और बचा ली 10 लोगों की जान, Video

Trikut Parvat Ropeway Accident: हादसे के बाद पन्नालाल पंजियारा की टीम मेंटेंनेस रोप-वे के जरिए दो ट्रॉलियों तक पहुंच गई. इस टीम ने इन दो ट्रालियों से 10 पर्यटकों को नीचे उतार लिया. टीम के उमेश सिंह, उपेंद्र विश्वकर्मा, नरेश गुप्ता और शिलावर चौधरी नीचे से रस्सी पकड़े हुए थे और कुर्सी भेजकर एक-एक कर सभी पर्यटक को आसानी से बाहर निकाल लिया.

अधिक पढ़ें ...

रांची. मदद करने को जो लोग मानव धर्म मानते हैं, वे अक्सर दिखावे से दूर होते हैं और आत्मप्रचार नहीं करते. ऐसे ही शख्स हैं पन्नालाल पंजियारा. देवघर के त्रिकुट रोपवे हादसे में पन्नालाल ने 10 लोगों की जान बचाई. दरअसल, जब हादसा हुआ तो पन्नालाल और उनके साथ अन्य 4 लोग ड्यूटी पर ही थे. उन्होंने इस हादसे को अपनी आंखों से देखा और बिना वक्त गवांए सेना, आईटीबीपी या एनडीआरएफ की टीम के पहुंचने से पहले पन्नालाल की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. इस टीम ने ट्राली में फंसे कई लोगों तक खाना-पानी भी पहुंचाया.

इस रेस्क्यू अभियान में पन्नालाल के साथ बसडीहा के रहने वाले उमेश सिंह, उपेंद्र विश्वकर्मा, नरेश गुप्ता और शिलावर चौधरी भी थे. इन सबने अदम्य साहस और प्रेजेंस ऑफ माइंड का इस्तेमाल किया. हादसे के बाद पन्नालाल पंजियारा की टीम मेंटेंनेस रोप-वे के जरिए दो ट्रॉलियों तक पहुंच गई. इस टीम ने इन दो ट्रालियों से 10 पर्यटकों को नीचे उतार लिया. टीम के उमेश सिंह, उपेंद्र विश्वकर्मा, नरेश गुप्ता और शिलावर चौधरी नीचे से रस्सी पकड़े हुए थे और कुर्सी भेजकर एक-एक कर सभी पर्यटक को आसानी से बाहर निकाल लिया.

कौन हैं पन्नालाल

झारखंड के मोहनपुर प्रखंड के बसडीहा गांव के रहने वाले हैं पन्नालाल. वे त्रिकुट में बने रोपवे में बतौर ऑपरेटर काम करते हैं. इससे पहले उन्होंने गंगटोक और अरुणाचल प्रदेश इलाके के रोपवे में रेस्क्यू का काम किया है. स्वभाव से बेहद संकोची हैं पन्नालाल. 10 लोगों की जान बचाने के बाद वे खुश तो हैं, लेकिन इस खुशी के सार्वजनिक प्रदर्शन से वे कतराते रहे. कैमरे के सामने आकर अपने किए काम पर बोलने में संकोच करते रहे. उन्होंने बस इतना ही कहा कि उन्होंने कोई विशेष काम नहीं किया है. यह तो मानव धर्म है और मानव धर्म के प्रचार की जरूरत नहीं होती, बल्कि यह तो हर इंसान की ड्यूटी होती है.

ऐसे हुआ था हादसा

बता दें कि रविवार शाम 4 बजे देवघर के त्रिकुट पर्वत पर रोपवे की ट्रालियां आपस में टकरा गई थीं. इस हादसे करीब आधा दर्जन ट्रालियां हवा में झूल गई थीं. इन ट्रालियों में 50 से अधिक लोग सवार थे. इस हादसे में कुछ लोग घायल हुए थे, जिनमें एक की मौत हो गई थी. इसके बाद सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने 45 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर बाकी लोगों को निकाला. रेस्क्यू अभियान खत्म होने तक इस हादसे में 3 लोगों की मौत हुई है.

Tags: Deoghar news, Jharkhand news, Rescue operation, Rope Way

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर