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लालू का दरबार; RJD नेता ही नहीं, रिटायरमेंट बेनिफिट और दूसरे फरियादियों की भी लंबी कतार

लालू यादव से मिलने के लिए आवास के बाहर खड़े फरियादी.

लालू यादव से मिलने के लिए आवास के बाहर खड़े फरियादी.

नागेंद्र के साथ पहुंचे बुजुर्ग रामानंद सिंह ने बताया कि झारखंड में हेमंत सरकार (Hemant Sarkar) में राजद भी शामिल है और लालू प्रसाद जी शुरू से ही गरीबों के मसीहा रहे हैं.

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रांची. रिम्स (RIMS) के निदेशक आवास में इलाजरत RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) से मिलने की कोशिश में राजद नेताओं के साथ-साथ दूसरे फरियादी भी अब पहुंचने लगे हैं. मंगलवार को एक ऐसा ही नजारा दिखा जब तीन बुजुर्ग फरियादी लालू से मिलने की उम्मीद लेकर निदेशक आवास के बाहर काफी देर तक खड़े रहे. न्यूज़ 18 की टीम ने जब उनसे उनकी मंशा पूछी तब एक बुजुर्ग नागेंद्र महतो (Nagendra Mahato) ने बताया कि 2014 के जनवरी में रिम्स के एनाटॉमी विभाग (Anatomy Department) से सेवानिवृत्त हुए थे. लेकिन 6 साल बाद भी उन्हें अब तक सेवानिवृत्ति का लाभ नहीं मिला है. बुजुर्ग ने बताया कि 6 साल तक रिम्स निदेशक के कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद जब कुछ भी हासिल नहीं हुआ तब उन्हें रिम्स परिसर में ही लालू के इलाजरत होने की जानकारी मिली. ऐसे में वे तमाम कागजात को लेकर लालू से मिलने के लिए निदेशक आवास पहुंच गए. लेकिन यहां से अंदर जाना अब उनके लिए मुमकिन नहीं है.

वहीं, नागेंद्र के साथ पहुंचे बुजुर्ग रामानंद सिंह ने बताया कि झारखंड में हेमंत सरकार में राजद भी शामिल है और लालू प्रसाद जी शुरू से ही गरीबों के मसीहा रहे हैं. ऐसे में अब उनसे ही न्याय की उम्मीद है. लिहाजा दोनों बुजुर्ग अपनी फरियाद लेकर रिम्स निदेशक से निकलकर निदेशक बंगले के गेट पर पहुंचे.  इनके साथ ही एक दूसरे बुजुर्ग अर्जुन सिंह भी अपनी पीड़ा लेकर लालू से मिलने की कोशिश में निदेशक बंगले के गेट पर पहुंचे हैं. बुजुर्ग अर्जुन सिंह ने बताया की रिम्स परिसर में ही स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कैंटीन में वे काम कर अपना गुजारा कर रहे थे. लेकिन इसी बीच पुराने बैंक मैनेजर के तबादले के बाद आए नई अधिकारी ने उन्हें नौकरी से हटा दिया, जिसके बाद परिवार का भरण पोषण करना अब मुश्किल होता दिख रहा है.

अपनी पीड़ा लालू प्रसाद के सामने रखना चाहते हैं
लिहाजा वे भी अपनी पीड़ा लालू प्रसाद के सामने रखना चाहते हैं. हालांकि अर्जुन सिंह ने बताया कि केंद्र की मोदी सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि कोरोना काल में किसी भी नौकरी पेशा व्यक्ति को उसकी नौकरी से नहीं हटाया जाए. बावजूद इसके इस नियम का हर तरफ उल्लंघन हो रहा है. इन तमाम बुजुर्ग फरियादियों की मुलाकात भले ही लालू प्रसाद से न हो पा रही हो, लेकिन बुजुर्ग फरियादियों ने हिम्मत नहीं हारने की ठान ली है. उन्होंने बताया कि जब तक लालू प्रसाद से मुलाकात नहीं होगी, वह हर दिन निदेशक आवास के पास पहुंचकर जरूर उनसे मिलने की कोशिश करेंगे.
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