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रामनवमी में फहराए जाते हैं मोहम्मद भाई और सुलेमान के बनाए झंडे

रामनवमी में फहराए जाते हैं मोहम्मद भाई और सुलेमान के बनाए झंडे

रामनवमी के जुलूस को लेकर पूरी रांची तैयार है। बाजार में झंडा-पटाका खरीदने के लिए लोगों भीड़ देखते बन रही है। दुकानों में झंडे पटाका बनाते मुसलिमसमुदाय के लोग आपसी भाई-चारे का संदेश दे रहे हैं, साथ हीं बकरीद और ईद की तरह वह रामनवमी का बेसब्री से इंतजार भी करते हैं।

रामनवमी के जुलूस को लेकर पूरी रांची तैयार है। बाजार में झंडा-पटाका खरीदने के लिए लोगों भीड़ देखते बन रही है। दुकानों में झंडे पटाका बनाते मुसलिमसमुदाय के लोग आपसी भाई-चारे का संदेश दे रहे हैं, साथ हीं बकरीद और ईद की तरह वह रामनवमी का बेसब्री से इंतजार भी करते हैं।

रामनवमी के जुलूस को लेकर पूरी रांची तैयार है। बाजार में झंडा-पटाका खरीदने के लिए लोगों भीड़ देखते बन रही है। दुकानों में झंडे पटाका बनाते मुसलिमसमुदाय के लोग आपसी भाई-चारे का संदेश दे रहे हैं, साथ हीं बकरीद और ईद की तरह वह रामनवमी का बेसब्री से इंतजार भी करते हैं।

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रामनवमी के जुलूस को लेकर पूरी रांची तैयार है। बाजार में झंडा-पटाका खरीदने के लिए लोगों भीड़ देखते बन रही है। दुकानों में झंडे पटाका बनाते मुसलिमसमुदाय के लोग आपसी भाई-चारे का संदेश दे रहे हैं, साथ हीं बकरीद और ईद की तरह वह रामनवमी का बेसब्री से इंतजार भी करते हैं।

भगवान श्री रामचंद्र का जन्मोत्सव यानि रामनवमी का रांची में खास महत्व है, जिसकी तैयारी लोग महीनों से करते हैं, पूरा शहर शनिवार को निकलने वाले जुलूस के लिए सज चुका है।

अपर बाजार में तरह-तरह के झंडे, पटाके मौजूद हैं, जिसकी खरीददारी करने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंच रहे हैं, पुराने ग्राहकों के मुताबकि वह हर साल की भांति इस साल भी मोहम्मद भाई और सुलेमान के हाथ से सिले झंडे हीं इस रामनवमी मे ले जाएंगें, वहीं झंडों की सिलाई करने वाले मोहम्मद भाई के मुताबिक ईद बकरीद से ज्यादा उन्हें रामनवमी का इंतजार रहता है, क्योंकी पुरखों से इसी के जरिए रोजी-रोटी चल रही है

एक फीट से लेकर दो सौ फीट का झंडा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सभी अखाड़ा अपनी तरफ से मुकम्मल तैयारी का दावा कर रहे हैं, जिसके लिए वह आधे मीटर से लेकर सौ मीटर लंबा झंडा खरीदने के लिए बाजार में मोल भाव कर रहे हैं। वही झंडा व्यवसायी के मुताबिक इस वर्ष सबसे ज्यादा महावीरी झंडे की डिमांड है, जिसमें तीस रूपए से लेकर हजार रूपए तक के झंडे मौजूद हैं।

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