श्रावणी पूर्णिमा पर एक दिन के लिए खुलेगा बैद्यनाथ धाम मंदिर, 100 श्रद्धालु कर पाएंगे दर्शन
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श्रावणी पूर्णिमा पर एक दिन के लिए खुलेगा बैद्यनाथ धाम मंदिर, 100 श्रद्धालु कर पाएंगे दर्शन
कोरोना के चलते बाबा बैद्यनाथ घाम मंदिर को बंद कर दिया गया था. (फाइल फोटो)

आपदा प्रबंधन विभाग ने देवघर डीसी को इस संबंध में पत्र लिखकर सोशल डिस्टेंसिग एवं अन्य मानकों का पालन करते हुए बाबा मंदिर (Baba Baidyanath Mandir) में दर्शन की व्यवस्था करने को कहा है.

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रांची. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सुझाव पर झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने कदम उठाया है. देवघर (Deoghar) में कल श्रावणी पूर्णिमा के मौके पर बैद्यनाथ धाम मंदिर (Baba Baidyanath Mandir) को खोला जाएगा. मंदिर में पंडों के साथ-साथ स्थानीय सौ श्रद्धालु को प्रवेश दी जाएगी. ये जानकारी आपदा प्रबंधन सचिव अमिताभ कौशल ने दी है. आपदा प्रबंधन विभाग ने देवघर डीसी को इस संबंध में पत्र लिखकर सोशल डिस्टेंसिग एवं अन्य मानकों का पालन करते हुए बाबा मंदिर में दर्शन की व्यवस्था करने को कहा है. वहीं भादो महीने में दर्शन के लिए बाद में निर्णय लिया जाएगा.

बता दें कि काेरोना संक्रमण के कारण झारखंड सरकार ने बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया था. यहां तक की इस बार विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले का भी आयोजन नहीं हुआ. हर साल एक महीना तक लगने वाले इस मेले में देश-विदेश के लाखों कांवरियां पहुंचते हैं. और बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करते हैं.

 सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश 



हालांकि हाल में ही सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड सरकार को आदेश दिया था कि बाबा धाम को भक्‍तों के लिए खोला जाए. सुनवाई के दौरान राज्‍य सरकार ने बताया था कि भक्‍तों के लिए ई-दर्शन की व्‍यवस्‍था की गई है. लेकिन अदालत ने कहा कि ई-दर्शन कोई दर्शन नहीं है. सीमित संख्‍या में श्रद्धालुओं को मंदिर में जाने दिया जाए. इसके लिए सरकार व्‍यवस्‍था करे. इस आदेश के बाद सरकार ने श्रावणी पूर्णिमा पर एक दिन के लिए मंदिर खोलने का निर्णय लिया है. इससे श्रद्धालुओं में काफी खुशी है.
दरअसल गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड हाईकोर्ट में एक पीआईएल दायर की थी. जिसमें मंदिर में पूजा की इजाजत देने की मांग की गई थी. हाईकोर्ट ने सांसद की याचिका को आंशिक रूप से खारिज करते हुए ई-दर्शन की व्यवस्था करने का आदेश दिया था. जिसके बाद सांसद ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और 31 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सुनवाई के दरम्यान ई-टोकन के माध्यम से भक्तों की पूजा का एक रिटन ऑब्जर्वेशन दिया था. सुप्रीम कोर्ट के इसी ऑब्जर्वेशन के आधार पर झारखंड सरकार ने यह फैसला लिया है.

मंदिर बंद रहने से भुखमरी के कगार पर दुकानदार 

बता दें कि बाबा मंदिर बंद होने से देवघर की अर्थव्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. मंदिर के आसपास के दुकानदारों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है. (भुवन किशोर झा के इनपुट के साथ)
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