Barkakana-Ranchi Rail Line: जल्द पूरा होगा प्रोजेक्ट, वादियों-सुरंगों से गुजरेगी ट्रेन


अब सिर्फ सांकी और सिधवार स्टेशन के बीच में 26.6 किमी का काम बाकी है.

अब सिर्फ सांकी और सिधवार स्टेशन के बीच में 26.6 किमी का काम बाकी है.

Barkakana-Ranchi New Rail Line: बरकाकाना-रांची रेल लाइन में चार सुरंग और 46 छोटे-बड़े पूल-पुलिया से गुजरेगी. रूट चालू होने से सुदूरवर्ती क्षेत्र के किसानों को बड़ा बाजार मिलेगा. पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

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रामगढ. रांची-हजारीबाग-कोडरमा वाया बरकाकाना रेल परियोजना बहुत जल्द पूरा होने की संभावना है. ये मार्ग जहां राजधानी रांची को बरकाकाना के रास्ते उतरी छोटानागपुर के मुख्यालय हजारीबाग और हावड़ा-नई दिल्ली ग्रैंड कॉर्ड मेन लाइन पर स्थित कोडरमा से सीधे रेल यात्रियों को जोड़ने का काम करेगी. फिलहाल कोडरमा से हजारीबाग और बड़काकांना तक रेल कनेक्टिविटी हो चूका है जबकि टाटीसिलवे-सांकी तक पैसेंजर ट्रेन चल चुकी है. रेल यात्री सफर के दौरान दिलकश वादियों का लुत्फ़ उठा सकेंगे. ये मार्ग राज्य में टूरिज्म को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित हो सकता है. पहाड़ों के बीच से पेड़-पौधे झरने-प्राकृतिक नाले सुंदरता की सतरंगी छटा को प्रस्तुत करेगी. साथ ही सुरंगें और घाटियों का नज़ारा लोगो के मन में रोमांच पैदा करेगी.यात्री ट्रेनें चलने के बाद राज्य सरकार और रेलवे मिल कर इस मार्ग पर स्थित मनोरम स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करके अतिरिक्त कमाई का जरिया बनाने के साथ-साथ ग्रामीणों को रोज़गार से भी जोड़ सकती है. दोनों नई लाइन पर ऊंची-ऊंची आपस में जुडी पहाड़ की खूबसूरत वादियों के बीच लगभग 2280 मीटर प्राकृतिक और 1638 मीटर कृतिम सुरंग रेल सफर में रोमांच पैदा करेगी. चौथे चरण में रांची स्टेशन से सांकी तक ट्रेन का परिचालन शुरू हो चूका है.

अब सिर्फ सांकी और सिधवार स्टेशन के बीच में 26.6 किमी का काम बाकी है. जिसे पूरा करने में कंस्ट्रक्शन कंपनी रात-दिन जुटी हुई है. मात्र एक घंटे में बरकाकाना से राजधानी रांची पंहुचा जा सकेगा -परियोजना के पूरा होने के बाद बरकाकाना से राजधानी रांची मात्र एक घंटे में पूरी की जा सकेगी.साथ ही रुट बन जाने के बाद 60 किलोमीटर तक की दुरी कम हो जाएगी. अभी बरकाकाना से मुरी होकर रांची जाने में 90 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है. इसमें तीन घंटे का वक़्त वर्तमान में लगता है. इस रेलवे ट्रैक का निर्माण हो जाने के बाद यात्री कम पैसे-समय में राजधानी रांची आना-जाना कर सकेंगे.

किसानों को मिलेगा राजधानी रांची का बाजार

बरकाकाना से रांची रेल रुट चालू होने का इंतेज़ार बरकाकाना से सटे सुदूरवर्ती गांवों कोड़ी, कडरू, जोबो, खपिया, बारीडीह, सुथरपुर, सांकी, ओरियातु समेत रांची ज़िला के ओरमांझी प्रखंड के रेलवे रुट से सटे गांव के किसानों को भी है .किसान सब्ज़ी समेत अपने खेतों के उपज को लेकर रेल मार्ग से कम समय और भाड़े में पहुंचकर राजधानी रांची के बाजार में अपने मन मुताबिक दामों पर बेचकर अच्छी कमाई कर आर्थिक रूप से सम्पन्न हो सकेंगे. फिलहाल छेत्र के किसानों को भुरकुंडा, बरकाकाना के बाजारों तक पहुँचने के लिए कठिन दूरी तय करके सड़क मार्ग से सब्ज़ी बेचने जाना पड़ता है.
सुरंग निर्माण में चुनौती

रूट में बारीड़ीह के नज़दीक तीन जगहों पर भूस्खलन के कारण निर्माण में दिक्कतें पैदा कर रही है. कंस्ट्रक्शन कंपनी को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. इंजीनीयर के सूझाव के बाद उक्त जगह पर 1638 मीटर लंबा कृत्रिम सुरंग बनाने का काम तेजी से चल रहा है. इस सुरंग के पूरा होते ही सांकी- से सिधवार के बीच रेल का परिचालन शुरू हो जायेगा.

रूट पर 46 छोटे बड़े पूल



-बरकाकाना से रांची के बीच 50 मीटर गहरी खाइयों में पुल बनाए गए हैं. इस रूट पर 46 छोटे-बड़े पुल हैं.

सिधवार से साकी के बीच कार्य पूरा होने का है इंतज़ार

पांचवें और अंतिम फेज में सिधवार से सांकी के बीच करीब 26 किमी का काम तेज़ी से चल रहा है. इसके पूरा होते ही बरकाकाना-रांची रुट ट्रेन चलाने के लिए तैयार हो जाएगी जबकि पहले फेज में कोडरमा से हजारीबाग के बीच 80 किमी, दूसरे फेज में हजारीबाग से बरकाकाना 57 किमी, तीसरे फेज में बरकाकाना से सिधवार सात किमी और चौथे फेज में टाटीसिलवे से सांकी के बीच 31.4 किमी तक रेल परिचालन शुरू हो चुका है. बरकाकाना से रांची स्टेशन के बीच पहाड़ियों पर तीन प्राकृतिक और एक कृत्रिम सुरंगों से होकर ट्रेन गुजरेगी.

सिधवार में स्थित टनल नंबर वन की लंबाई 6 सौ मीटर और हेहल में टनल नंबर दो की लंबाई 1080 मीटर है जो एक छोर से दूसरे छोर तक आर-पार हो चुका है. इन सुरंगों में प्रोटक्शन ड्रेन और पोर्टर कक्ष का निर्माण कार्य प्रगति पर है.बारीड़ीह में बन रहे टनल नंबर तीन जिसकी लंबाई 6 सौ मीटर पूरा हो चुका

है. हेहल और दाड़ीदाग स्टेशन भवन का निर्माण करीब-करीब पूरा होने को है. सिधवार से टनल नंबर दो तक रेल लाइन बिछाई जा चुकी है.

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