नेशनल लॉ स्कूल के छात्रों ने 11 लाख जमाकर मजदूरों को फ्लाइट से भिजवाया, CM हेमंत ने तारीफ में कही ये बात
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नेशनल लॉ स्कूल के छात्रों ने 11 लाख जमाकर मजदूरों को फ्लाइट से भिजवाया, CM हेमंत ने तारीफ में कही ये बात
झारखंड के 174 मजदूरों को फ्लाइट से मुंबई से रांची भेजा गया

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने अपने ट्वीट में कहा कि नेशनल लॉ स्कूल (National Law School Bengaluru) के छात्रों के इस अदि्वतीय कार्य से आज 174 मजदूर सकुशल रांची पहुंचे हैं.

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रांची. कोरोना संकट (COVID-19) में प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार हो या सामाजिक संगठन, सभी आगे आ रहे हैं. ऐसे में नेशनल लॉ स्कूल बेंगलुरु (National Law School Bengaluru) के पूर्ववर्ती छात्रों ने जो किया, वह बेहद सराहनीय है. लॉ स्कूल के छात्रों ने मुंबई में रहने वाले झारखंड के प्रवासी मजदूरों के लिए पैसे जुटाए और उन्हें हवाई जहाज से रांची (Ranchi) पहुंचाने का इंतजाम कराया. छात्रों ने कुल 11 लाख की रकम इकट्ठा कर 180 सीटों वाली फ्लाइट बुककरा 174 मजदूरों को गुरुवार को सुरक्षित रांची पहुंचा दिया.

नेशनल लॉ स्कूल के इन छात्रों की अब हर जगह तारीफ हो रही है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने भी छात्रों की पहल की सराहना करते हुए सोशल मीडिया पर ट्वीट किया है. सीएम ने अपने ट्वीट में कहा है कि नेशनल लॉ स्कूल के छात्रों के इस अदि्वतीय कार्य से आज 174 मजदूर सकुशल रांची पहुंचे हैं. इसके लिए सीएम ने पूर्ववर्ती छात्रों का आभार जताया है.



प्रवासियों की मदद का आया ख्याल
नेशनल लॉ स्कूल के वर्ष 2000 के बैच के छात्र शैल त्रेहान ने टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में कहा कि वे और उनके कुछ साथी चाहते थे कि प्रवासी मजदूरों की मदद की जाए. इसको लेकर पिछले कुछ दिनों से वे लोग कुछ करने की सोच रहे थे. इसी दौरान स्कूल के पूर्ववर्ती छात्रों ने खुद से पैसे जुटाकर प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने की योजना बनाई. शैल त्रेहान ने बताया कि पहले एक बस किराए पर लेकर मजदूरों को भेजने का प्लान था, लेकिन जब हिसाब-किताब लगाकर देखा तो पता चला कि इतने पैसे में तो मजदूरों को हवाई जहाज से ही भिजवाया जा सकता है.

शैल त्रेहान के बैच के साथ ही स्कूल में रहे शुभा मंडल ने बताया कि टाटा समूह के सहयोग से हम लोगों ने इस काम को अंजाम देने में सफलता पाई. इसके बाद हम लोगों ने क्राउड फंडिंग के जरिए कुल 11 लाख रुपए जुटाए, जिससे एयर एशिया की फ्लाईट का इंतजाम हो सका. लॉ स्कूल के छात्रों ने अखबार के साथ बातचीत में कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की समस्या को देखते हुए, हमारी यह कोशिश बहुत छोटी है. स्कूल के एक अन्य छात्र ने बताया कि पढ़ाई के दिनों में लॉ स्कूल के डायरेक्टर माधव मोहन ने हमें बताया था कि आगे चलकर हम लोगों को सामाजिक बदलाव का वाहक बनना है. यह काम ऐसा ही था, जो सुकून देता है.

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