माओवाद को नेस्तनाबूद करने को लेकर बूढ़ा पहाड़ पर झारखंड पुलिस का बड़ा अभियान

Manoj Kumar | News18 Jharkhand
Updated: June 16, 2018, 11:24 PM IST
माओवाद को नेस्तनाबूद करने को लेकर बूढ़ा पहाड़ पर झारखंड पुलिस का बड़ा अभियान
माओवाद को खत्म करने के प्रति झारखंड पुलिस कटिबद्ध

झारखंड पुलिस ने झारखंड के अति उग्रवाद बूढ़ा पहाड़ गढ़वा, पलामू , लातेहार , लोहरदगा एवं गुमला के क्षेत्रों में हार्डकोर नक्सलियों के खिलाफ शुक्रवार को 16 हजार पैम्फलैट हेलीकॉप्टर के माध्यम से गिराए. ऐसा इसलिए ताकि ग्रामीण इन उग्रवादियों की सूचना पुलिस को दे सकें.

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माओवाद को नेस्तनाबूद करने के लिए झारखंड पुलिस ने एक बड़ा अभियान बूढ़ा पहाड़ इलाके में छेड़ रखा है. सूत्रों की माने तो बूढ़ा पहाड़ पर नक्सलियों के कई बड़े नेता छुपे हुए हैं. ऐसे में इन लोगों को गिरफ्तार करने के लिए झारखंड पुलिस ने झारखंड के अति उग्रवाद बूढ़ा पहाड़ गढ़वा, पलामू , लातेहार , लोहरदगा एवं गुमला के क्षेत्रों में हार्डकोर नक्सलियों के खिलाफ शुक्रवार को 16 हजार पैम्फलैट हेलीकॉप्टर के माध्यम से गिराए. ऐसा इसलिए ताकि ग्रामीण इन उग्रवादियों की सूचना पुलिस को दे सकें. पुलिस सूचना देने वालों के नाम गुप्त रखेगी और इनाम की राशि भी उन्हें दी जाएगी.

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में गिराये गए पैम्फलैटों में 1 करोड़ का इनामी उग्रवादी ओगू सतवाजी उर्फ बूरयार उर्फ सुधाकर उर्फ सुधाकरण उर्फ किरण, 25 लाख की इनामी और सुधाकरण की पत्नी नीलिमा , 10
लाख की ईनामी भवानी उर्फ सुजाता उर्फ श्यामला उर्फ पूनम, लातेहार का 10 लाख का इनामी रविन्द्र गंझू, लातेहार के बिरसई उर्फ साकेत उर्फ उमेश गंझू उर्फ अनिल, लातेहार का रहने वाला 10 लाख का इनामी बलराम उरांव, गुमला के रहने वाले 15 लाख का इनामी बुद्धेश्वर उरांव, लातेहार जिले के रहने 10 लाख का ईनामी उग्रवादी चन्द्रभूषण यादव उर्फ भूषण यादव,

लातेहार के रहने वाले 15 लाख का इनामी उग्रवादी छोटू सिंह खेरवार, लातेहार के ही रहने वाले 10 लाख का इनामी उग्रवादी मृत्युंजय भूईंया उर्फ मिथुन उर्फ फ्रेश भूईंया उर्फ अवधेश जी, चतरा के प्रतापपुर थाने का 15 लाख का इनामी उग्रवादी नवीन उर्फ सर्वजीत यादव उर्फ विजय एवं बिहार के जहानाबाद का 25 लाख का इनामी उग्रवादी उमेश यादव उर्फ विमल उर्फ राधेश्याम शामिल है.

राज्य पुलिस इसके अलावा इन नक्सलियों द्वारा अर्जित की गई अवैध सम्पत्ति की जब्ती की कार्रवाई भी कर रही है. बता दें कि झारखंड सरकार ने नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए अवसर दिया है. इस सरकारी योजना से प्रेरित होकर ही कई कुख्यात नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण भी किया है. ऐसे नक्सलियों के पुनर्वास के लिए सरकार उन्हें हर तरह से मदद कर रही है. सरकार ने अपनी नीति साफ कर दी है कि या तो नक्सली आत्मसमर्पण कर दें या फिर खुद को मिटा देने के लिए तैयार रहें.

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First published: June 16, 2018, 10:48 PM IST
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