झारखंड: 454 में से 405 पद खाली, भगवान भरोसे चल रहा बिरसा कृषि विवि, जा सकती है मान्यता

साल 2006 में हुई गड़बड़ी के बाद बिरसा कृषि विवि से नियुक्ति के अधिकार छीन लिये गये.
साल 2006 में हुई गड़बड़ी के बाद बिरसा कृषि विवि से नियुक्ति के अधिकार छीन लिये गये.

साल 1981 में रांची में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (Birsa Agricultural University) की स्थापना हुई थी. लेकिन 2006 के बाद से इसमें एक भी स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है. इस बीच इसके अंतर्गत सात नये कॉलेज जरूर खोले गये हैं.

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रांची. झारखंड में कृषि अनुसंधान और इसके विकास के लिए स्थापित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (Birsa Agricultural University) भगवान भरोसे चल रहा है. हालत ये है कि विश्वविद्यालय में टीचिंग और नन टीचिंग स्टाफ के अलावा रिसर्चर की भी भारी कमी है. साल 1981 में इस विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी. 2006 के बाद से इसमें एक भी स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है. जिसके कारण कृषि अनुसंधान के साथ-साथ शैक्षणिक कार्य भी बुरी तरह प्रभावित है. नवनियुक्त कुलपति ओंकार नाथ सिंह ने पदभार ग्रहण करते ही मैनपावर की कमी के कारण हो रही परेशानी को लेकर राज्य सरकार से गुहार लगायी है.

कौन-कौन से पद हैं खाली

प्रोफेसर के 58 स्वीकृत पदों में 41 खाली



एसोसिएट प्रोफेसर के 113 में से 106 पद खाली
असिस्टेंट प्रोफेसर के 273 पद में से 232 पद खाली

विवि में 454 स्वीकृत पदों में से 405 पद हैं खाली

यूनिवर्सिटी को नियुक्ति का नहीं है अधिकार 

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय देश का पहला एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी है, जिसको नियुक्ति का पावर नहीं है. 2006 में हुई गड़बड़ी के बाद इस विश्वविद्यालय से नियुक्ति का अधिकार राज्य सरकार ने वापस ले लिया था. फिलहाल कांट्रैक्ट पर बहाल शिक्षकों से किसी तरह शैक्षणिक कार्य चल रहा है.

अब स्थायी शिक्षकों की कमी के चलते यूनिवर्सिटी की आईसीएआर से मिली मान्यता पर खतरा उत्पन्न हो गया है. हालांकि राज्य सरकार बीएयू की बदहाल स्थिति को सुधारने का मन बनाया है.

जल्द होगी बहाली 

कृषि मंत्री बादल ने बताया कि बीएयू में जल्द ही स्थायी एवं अनुबंध पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी.

बता दें कि समय के साथ-साथ बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत नये-नये कॉलेज स्थापित होते चले गये. मगर इन कॉलेजों में स्वीकृत पद पर स्थायी नियुक्ति नहीं हुई. पिछले 4 वर्षों में विश्वविद्यालय के अधीन खुले 7 नये कॉलेजों में तीन एग्रीकल्चर कॉलेज, 1 डेयरी टेक्नोलॉजी कॉलेज, 1 फिशरीज साइंस कॉलेज, 1 एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग एवं 1हॉर्टिकल्चर कॉलेज शामिल हैं.  लेकिन ये सारे कॉलेज अनुबंध पर बहाल शिक्षकों के भरोसे चल रहा है.
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