झारखंड में रोम की संस्था ने उड़ाईं सीएनटी-एसपीटी एक्ट की धज्जियां- बीजेपी

प्रतुल शाहदेव की माने तो ब्रदर सिरिल लकड़ा ने इस जमीन को गेल को 4 करोड़ 76 लाख रुपये में बेच दिया और 13 साल में इस जमीन से 183 गुना प्रॉफिट कमाया.

Rajesh Kumar | News18 Jharkhand
Updated: July 22, 2019, 7:47 PM IST
झारखंड में रोम की संस्था ने उड़ाईं सीएनटी-एसपीटी एक्ट की धज्जियां- बीजेपी
प्रदेश बीजेपी ने कहा कि रोम की एक संस्था ने झारखंड में सीएनटी-एसपीटी कानून की धज्जियां उड़ाकर जमीन की खरीद- बिक्री की और उससे करोड़ों की कमाई की.
Rajesh Kumar | News18 Jharkhand
Updated: July 22, 2019, 7:47 PM IST
झारखंड में प्रदेश बीजेपी ने रोम के एक मिशनरी संस्थान पर गंभीर आरोप लगाये हैं. प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि रोम की एक संस्था ने झारखंड में सीएनटी-एसपीटी कानून की धज्जियां उड़ाकर जमीन की खरीद- बिक्री की और उससे करोड़ों की कमाई की. मिशनरी संस्थान मॉनफोर्ट ब्रदर्स ऑफ सेंट गेब्रियल ने अवैध तरीके से जमीन की खरीद-बिक्री कर 183 गुना तक कमाई की.

जमीन खरीद में गड़बड़ी का आरोप 

प्रतुल शाहदेव ने बताया कि रांची के नामकोम अंचल के खाता नंबर 3 और 142 के प्लाट नंबर 170, 171, 172, 173, 174, 176 एवं 177 की कुल 4.23 एकड़ जमीन की खरीद में गड़बड़ी पाई गई है. इस जमीन को सबसे पहले ब्रदर सिरिल लकड़ा ने 2004- 05 में कौड़ियों के दाम खरीदा. यह जमीन रिंग रोड के पास स्थित है. तब इसकी कीमत मात्र 2.6 लाख रुपये लगाई गई. सिरिल लकड़ा के बारे में जमीन संबंधी तीन अलग- अलग कागजों पर अलग- अलग पता लिखा हुआ है. एक कागज में नामकोम, दूसरे में गुमला और तीसरे में पुरुलिया रोड, रांची का पता है.



व्यक्तिगत तौर पर खरीदा, मिशनरी के नाम पर बेचा

प्रतुल शाहदेव की माने तो ब्रदर सिरिल लकड़ा ने इस जमीन को गेल को 4 करोड़ 76 लाख रुपये में बेच दिया. और 13 साल में इस जमीन से 183 गुना प्रॉफिट कमाया.


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इस जमीन को ब्रदर सिरिल ने व्यक्तिगत रुप से खरीदा था, जबकि बेचते वक्त मिशनरी सामने आ गई. दरअसल मिशनरी संस्था में फादर, ब्रदर और सिस्टर को जमीन रखने का अधिकार नहीं है. जबकि यह जमीन ब्रदर सिरिल लकड़ा ने अपने नाम रजिस्ट्री कराई थी.



मिशनरी संस्थाएं सामाजिक कार्यों से दूर 

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि ग्रेबियल सोसाइटी शैक्षणिक संस्था के रुप में निबंधित है. इसका मुख्यालय रोम है. भाजपा लंबे समय से ये कह रही है कि मिशनरी संस्थाएं सामाजिक कार्यों से दूर हो गयी हैं. इसके अलावा वह तमाम अनैतिक कार्यों में भी लिप्त हैं. उन्होंने कहा कि सोसाइटी को जमीन की खरीद-बिक्री का कोई अधिकार नहीं था, लेकिन जिस तरीके से यह प्रकरण सामने आया है, यह बताता है कि सूबे में बड़े पैमाने पर ईसाई संस्थाएं गलत कार्यों में लिप्त हैं. इसकी उचित फोरम पर शिकायत की जाएगी.

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First published: July 22, 2019, 7:27 PM IST
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