झारखंडः लॉकडाउन में 3 दिन की छूट पर BJP बोली- कोविड से सुरक्षा के बजाय हेमंत सरकार कर रही तुष्टिकरण

उन्होंने कहा कि सरकार की नीति और नियत दोनों का पता ऐसे निर्णयों से चलता है.  (फाइल फोटो)

उन्होंने कहा कि सरकार की नीति और नियत दोनों का पता ऐसे निर्णयों से चलता है. (फाइल फोटो)

उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार लोगों की कोविड-19 संक्रमण (Covid-19 Infection)से सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है तथा लॉकडाउन में भी तुष्टिकरण की नीति पर काम कर रही है.

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रांची. भाजपा (BJP)  की झारखंड इकाई के अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश (MP Deepak Prakash) ने लॉकडाउन की अवधि में तीन दिनों की विशेष छूट पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार लोगों की कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है तथा लॉकडाउन में भी तुष्टिकरण की नीति पर काम कर रही है. प्रकाश ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार की प्राथमिकता में लोगों की सुरक्षा नहीं बल्कि वोट बैंक की राजनीति है, जबकि एक सरकार को इन सब बातों से ऊपर उठकर निर्णय लेना चाहिये.

उन्होंने कहा कि सरकार की नीति और नियत दोनों का पता ऐसे निर्णयों से चलता है. उन्होंने कहा कि आखिर सरकारी आदेश में 13 से 27 मई तक लॉकडाउन की समय सीमा बढ़ाये जाने के बाद फिर ये विशेष छूट क्यों? उन्होंने कहा कि राज्य की जनता इस लुका छिपी के खेल को खूब समझती है. प्रकाश ने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे राज्य का मुख्यमंत्री होता है न कि किसी जाति समुदाय विशेष का. परंतु इस सरकार के निर्णय में भेदभाव स्पष्ट झलक रहा क्योंकि इनका डीएनए ही ऐसा है. पूरे देश के साथ झारखंड में शुक्रवार को ईद मनायी जा रही है.

विस्फोटक हो सकती है स्थिति

झारखंड में स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह का तीसरा चरण चल रहा है. राज्य में इस दौरान आंशिक लॉकडाउन के बाद मौजूदा हालात पर सरकार लगातार समीक्षा करने में जुटी है. कोरोना संक्रमितों के घटते-बढ़ते आंकड़ों के बीच भविष्य में पूर्ण लॉकडाउन की संभावना पर चर्चा भी शुरू हो गई है. हेमंत सोरेन सरकार के लिए पूर्ण लॉकडाउन की राह में उसकी सहयोगी दल रोड़ा की तरह खड़ी है. झारखंड में हर दिन कोरोना से संक्रमित होने वाले मरीजों का आंकड़ा 6000 से ज्यादा तक पहुंच गया है. कोरोना से मरने वालों की संख्या भी 140 से 150 के बीच रह रहा है. ऐसे में राज्य में जारी स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को लेकर समीक्षा जायज है.
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर हो रही भविष्यवाणी और विशेषज्ञों की माने तो कोरोना का खतरा अभी टलने की बजाय बढ़ने की पूरी संभावना है. ऐसे में सत्ताधारी दल जेएमएम देश के दूसरे राज्यों की तरह लॉकडाउन में और सख्ती की बात कर रही है. जेएमएम का इशारा ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की तरफ है. उसे पता है कि अगर गांव की दहलीज को कोरोना लांघने में सफल रही तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है.

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