लाइव टीवी

रांची के हिंदपीढ़ी में धर्म विशेष के अधिकारियों की तैनाती पर बीजेपी ने उठाये सवाल, CM हेमंत को लिखा पत्र
Ranchi News in Hindi

News18 Bihar
Updated: April 6, 2020, 3:00 PM IST
रांची के हिंदपीढ़ी में धर्म विशेष के अधिकारियों की तैनाती पर बीजेपी ने उठाये सवाल, CM हेमंत को लिखा पत्र
रांची के हिंदपीढ़ी में धर्म विशेष के पुलिस अधिकारियों की तैनाती पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखा

बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने लिखा कि किसी भी विधि-व्यवस्था में धार्मिक आधार पर विभाजन समाज में एक ऐसी विकृति को जन्म देगा, जिसका असर लंबे समय तक रहेगा. और इससे समाज में एक बड़ी खाई बनेगी.

  • Share this:
रांची. पूर्व मुख्यमंत्री व बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) को पत्र लिखकर रांची के हिंदपीढ़ी में धर्म विशेष के पुलिस अधिकारियों की तैनाती पर सवाल खड़े किये हैं. अपने पत्र में बाबूलाल मरांडी ने लिखा कि अखबार से प्राप्त जानकारी के मुताबिक हिन्दपीढ़ी क्षेत्र में स्क्रीनिंग में सहयोग करने और लाॅकडाउन के दौरान विधि-व्यवस्था को दुरूस्त रखने के लिए धर्म विशेष के पुलिस पदाधिकारियों की विशेष रूप से तैनाती की गई है. यह खबरें अपने-आप में बताने के लिए पर्याप्त है कि सरकार यह सोचती है कि वह धर्म विशेष के लोगों के लिए धर्म विशेष के पदाधिकारियों को ही तैनात कर स्थिति को काबू में रख सकती है. मेरी समझ से यह परे है कि सरकार ऐसा सोच क्यों रखती है. पर इतना जरूर है कि सरकार की यह सोच बेहद खतरनाक कदम है.

'विधि-व्यवस्था में धार्मिक आधार पर विभाजन खतरनाक' 

बाबूलाल मरांडी के मुताबिक इससे राज्य में एक गलत परंपरा की शुरूआत होगी. ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शायद सरकार ने अपने इस कदम के बारे में दूरगामी परिणाम की चिंता कतई नहीं की है. किसी भी विधि-व्यवस्था में धार्मिक आधार पर विभाजन समाज में एक ऐसी विकृति को जन्म देगा, जिसका असर लंबे समय तक रहेगा. और इससे समाज में एक बड़ी खाई बनेगी. सरकार को यह सोचना चाहिए कि भविष्य में अगर ऐसी ही समस्या बहुसंख्यक इलाके में उत्पन्न हो गई और वहां से भी कुछ ऐसी ही मांगें उठनी प्रारंभ हो गई कि उन इलाकों से मुस्लिम या ईसाई अधिकारियों को हटाया जाए, तब सरकार क्या करेगी?



'सरकार अपने कदम तत्काल पीछे हटाये'



उन्होंने लिखा कि सरकार कैसे समझती और मानती है कि यह एक उचित कदम है? सरकार ने ऐसा अगर किया है तो इस पर सरकार को पुनर्विचार करने की जरूरत है. किसी भी सरकार को वोट की राजनीति से परे सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर सर्व-धर्म, समभाव नीति के मूलमंत्र पर ही चलनी चाहिए और आपने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते वक्त इसी मार्ग पर चलने का वचन दिया है. मेरा सुझाव होगा कि सरकार अपने कदम को तत्काल पीछे हटाये. यही झारखंड, झारखंडी समाज और सभी धर्म के हित में होगा.

रघुवर दास ने भी उठाये सवाल 

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर चिंता जताई है. उन्होंने लिखा है कि रांची के हिंदपीढ़ी में कर्फ्यू के दौरान स्थानीय निवासियों के साथ साम्प्रदायिक भेदभाव चिंता का विषय है. उसी तरह वहां विधि व्यवस्था को सफल बनाने और स्क्रीनिंग में सहयोग करने के नाम पर अलग से एक सम्प्रदाय विशेष के अधिकारियों की तैनाती पक्षपातपूर्ण, दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है. इसी भेदभावपूर्ण रवैये की वजह से हिंदपीढी इलाके में अराजकता की स्थिति है. लोग एकजुट होकर इलाके में घूम रहे हैं, दुकानदार दुकान खोलकर बैठे हैं और पुलिस तमाशबीन बनी हुई है. भेदभाव का आलम यह है कि बड़े पैमाने पर कर्फ्यू का उल्लंघन करने के बावजूद हिंदपीढ़ी थानाक्षेत्र में दोषियों के खिलाफ कोई न तो प्राथमिकी दर्ज की गयी है और न ही कार्रवाई हुई है. कर्फ्यू यहां माखौल बन कर रह गया है.

बता दें कि रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में दो कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं. इसको देखते हुए इलाके को सील कर लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है. हालांकि शुरुआत में प्रशासन के इस कदम का मुहल्लेवालों ने विरोध किया. बाद में प्रशासन ने समझा-बुझाकर स्क्रीनिंग के लिए लोगों को राजी किया. यहां के सौ से ज्यादा लोगों को खेलगांव के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है.

रिपोर्ट- प्रेरणा कुमारी, संजय कुमार सिन्हा 

ये भी पढ़ें- रांची के हिंदपीढ़ी में एक और महिला मिली कोरोना पॉजिटिव, झारखंड का चौथा केस

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए रांची से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 6, 2020, 2:59 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading