लाइव टीवी

मंत्री अपने पावर का कर रहे दुरुपयोग, बसों से मजदूरों को भेजने के मामले में बीजेपी ने साधा निशाना
Ranchi News in Hindi

News18 Jharkhand
Updated: March 31, 2020, 10:50 AM IST
मंत्री अपने पावर का कर रहे दुरुपयोग, बसों से मजदूरों को भेजने के मामले में बीजेपी ने साधा निशाना
बसों से मजदूरों को भेजने को लेकर प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष आदित्य साहू ने मंत्री आलमगीर आलम को कठघरे में खड़ा किया (फाइल फोटो)

प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष आदित्य साहू (Aditya Sahu) ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री (Hemant Soren) प्रदेश एवं जिलों की सीमाओं को सील कर कोरोना से निपटने की बात करते हैं, तो दूसरी तरफ ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम (Alamgir Alam) रांची जिला प्रशासन से बसों की स्वीकृति दिलाकर मजदूरों (Laborer) को घर भेजते हैं.

  • Share this:
रांची. भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य साहू (Aditya Sahu) ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के मंत्री अपने पावर का दुरुपयोग कर रहे हैं. जबकि मंत्री के दबाव में प्रशासन कठपुतली बना हुआ है. मंत्री आलमगीर आलम (Alamgir Alam) अपने क्षेत्र के हीं नहीं, बल्कि पूरे राज्य के मंत्री हैं. मजदूरों (Laborers) को बसों से भेजने को लेकर निशाना साधते हुए आदित्य साहू ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री प्रदेश एवं जिलों की सीमाओं को सील कर कोरोना से निपटने की बात करते हैं, तो दूसरी तरफ ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम रांची जिला प्रशासन से बसों की स्वीकृति दिलाकर मजदूरों को घर भेजते हैं.

सरकार से पूछा सवाल 

बीजेपी उपाध्यक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि मैं सरकार से जानना चाहता हूं कि क्या सरकार ने फंसे लोगों को लॉकडाउन के दौरान घरों तक पहुंचाने का नीतिगत निर्णय लिया है. एक तरफ हजारों लोग सरकार के अनुरोध पर इस संकट में लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं, तो वहीं सरकार के मंत्री और प्रशासन प्रदेश में अव्यवस्था फैलाने पर उतारू हैं. सरकार के मंत्री अपनी संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे.



'विदेशी तत्व किसके बुलावे पर आ रहे झारखंड'



भाजपा के प्रदेश महामंत्री विधायक अनंत ओझा ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना संकट के बीच राज्य में गंभीर साजिश रची जाने की आशंका है. रांची के हिन्दपीढ़ी इलाके में मस्जिद से पकड़े गए 17 विदेशियों के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अनंत ओझा ने कहा कि मस्जिदों में विदेशियों के पाये जाने की ये पहली घटना नहीं है, बल्कि इसके पूर्व तमाड़ में भी मस्जिद में विदेशी मिले थे.

अनंत ओझा ने कहा कि पहली गिरफ्तारी के बाद ही सरकार और प्रशासन को इस सिलसिले में जांच में तेजी लानी चाहिये थी. परंतु प्रशासन इस संबंध में निश्चिन्त बैठा जान पड़ रहा है. राज्य की जनता एक तरफ कोरोना संकट से जूझ रही है, तो वहीं दूसरी ओर विदेशी अराजक शक्तियां राज्य को अशांत करने की साजिश रचने में लगी है. ऐसी शंकाएं आधारविहीन नही हैं. राज्य की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि ऐसे विदेशी तत्व किसके बुलावे पर और किस उद्देश्य से मस्जिदों में छिपे पाये गये. आखिर कौन है इनका संरक्षक, जो इस लॉकडाउन की स्थिति में भी प्रशासन को इनके बारे में सूचना नहीं दिया.

11 बसों से 600 मजदूरों को भेजा 

बता दें कि मंत्री आलमगीर आलम की सिफारिश पर रांची प्रशासन ने रविवार रात को 11 बसों में 600 मजदूरों को विभिन्न जिलों में भेजा. इन बसों में मजदूर जानवरों की तरह ठूसे हुए थे, जो इन्हें पाकुड़, साहिबगंज और कोडरमा लेकर गईं. सभी बसें रांची के धुर्वा से रवाना हुई थीं. और रवानगी के वक्त मौके पर पुलिस के अधिकारी भी मौजूद थे. इस मामले में सीएम ने रांची डीसी को शोकॉज किया है. उधर, रांची के हिंदपीढ़ी इलाके के एक मस्जिद से प्रशासन ने 17 विदेशी समेत 24 लोगों को कब्जे में लेकर खेलगांव स्थित आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया.

रिपोर्ट- भुवन किशोर झा

ये भी पढ़ें- मंत्री ने उड़ाई लॉकडाउन की धज्जियां! 600 मजदूरों को बसों से भेजा घर

 

 

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए रांची से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 31, 2020, 10:48 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading