पिता शिबू के बाद बेटे हेमंत को हराने के लिए बीजेपी ने बनाई ये रणनीति

गत एक जुलाई को रांची में आयोजित बीजेपी कोर कमिटी की बैठक में बरहेट विधानसभा क्षेत्र पर खूब चर्चा हुई. इस दौरान वहां के लिए दो नाम सामने आये. पहला रेणुका मुर्मू और दूसरा सुन्दरपहाड़ी प्रखंड के पहाड़िया नेता सिमोन मालतो का था.

News18 Jharkhand
Updated: July 8, 2019, 1:37 PM IST
पिता शिबू के बाद बेटे हेमंत को हराने के लिए बीजेपी ने बनाई ये रणनीति
गत एक जुलाई को रांची में आयोजित बीजेपी कोर कमिटी की बैठक में बरहेट विधानसभा क्षेत्र पर खूब चर्चा हुई. इस दौरान वहां के लिए दो नाम सामने आये. पहला रेणुका मुर्मू और दूसरा सुन्दरपहाड़ी प्रखंड के पहाड़िया नेता सिमोन मालतो का था.
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Updated: July 8, 2019, 1:37 PM IST
लोकसभा चुनाव में पिता शिबू सोरेन को शिकस्त देने के बाद अब विधानसभा चुनाव में बेटे हेमंत सोरेन को हराने की रणनीति में बीजेपी जुटी हुई है. इसके तरह बरहेट विधानसभा क्षेत्र में पार्टी किसी कद्दावर नेता को हेमंत के खिलाफ मैदान में उतारने की कोशिश में है. पार्टी सूत्रों की माने तो वह चेहरा मिल भी गया है. रेणुका मुर्मू या पहाड़िया नेता सिमोन मालतो को पार्टी उम्मीदवार बना सकती है.

हेमंत को हराने की रणनीति 

नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन पिछले कई सालों से हूल दिवस दुमका में मनाते रहे हैं. लेकिन इस बार उनका ठिकाना बरहेट विधानसभा क्षेत्र रहा. वजह साफ है, बीजेपी इस बार संथाल जीत के साथ- साथ हेमन्त सोरेन को विधानसभा में आने से रोकना चाहती है. दुमका संसदीय सीट पर शिबू सोरेन को शिकस्त देने के बाद पार्टी की कोशिश ये है कि इस बार बरहेट विधानसभा सीट पर ऐसे उम्मीदवार को उतारा जाए, जो हेमन्त को हार का स्वाद चखा सके.

बीजेपी में दो नामों पर चर्चा 

पिछली बार बीजेपी ने बरहेट विधानसभा क्षेत्र से हेमलाल मुर्मू को मैदान में उतारा था, लेकिन वह हेमंत सोरेन से चुनाव हार गये थे. लेकिन इस बार चेहरा टक्कर देने वाला होगा. गत एक जुलाई को रांची में आयोजित बीजेपी कोर कमिटी की बैठक में बरहेट विधानसभा क्षेत्र पर खूब चर्चा हुई. इस दौरान वहां के लिए दो नाम सामने आये. पहला रेणुका मुर्मू और दूसरा सुन्दरपहाड़ी प्रखंड के पहाड़िया नेता सिमोन मालतो का था.

प्रदेश महामंत्री दीपक प्रकाश का कहना है कि अभी नामों पर मुहर नहीं, बल्कि चेहरों पर चर्चा का दौर है. हालांकि पार्टी की ये रणनीति है कि शिबू सोरेन की तरह हेमंत को भी पटखनी दी जाए.

बीजेपी का सपना नहीं होगा साकार 
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संथाल को जेएमएम का गढ़ माना जाता है. जानकार बताते हैं कि जेएमएम संथाल की 18 में से 13 से 15 सीटें जीतने का मादा रखता है. इसलिए बीजेपी की पूरी रणनीति इन दिनों संथाल को ध्यान में रखकर रचा और बुना जा रहा है. पार्टी के शीर्ष नेताओं का दौरा भी संथाल को ध्यान में रखकर कराया जा रहा है. हालांकि जेएमएम के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य का दावा है कि बरहेट में हेमंत को हराने का सपना बीजेपी साकार नहीं कर पाएगी.

जेएमएम के पास दो प्लान

इन सबसे अलग कांग्रेस की रणनीति बीजेपी खासकर सीएम रघुवर दास को रोकने को लेकर बन रही है. नेतृत्व की लड़ाई लड़ रहे प्रदेश कांग्रेस, बीजेपी- जेएमएम के पचड़े में नहीं फंसना चाहती. कांग्रेस जानती है कि जेएमएम के मजबूत होने का मतलब कांग्रेस का कमजोर होना, समझा जाएगा. उधर, सूत्रों की माने तो विधानसभा चुनाव के लिए जेएमएम ने प्लान ए और प्लान बी तैयार कर रखा है. प्लान ए के तहत पार्टी विधानसभा की सभी 81 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार कर ली है. प्लान बी के तहत महागठबंधन के साथ 45 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में उतारेगी.

रिपोर्ट- अजय लाल

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First published: July 8, 2019, 1:36 PM IST
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