होम /न्यूज /झारखंड /

नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज में अब नहीं सुनाई देगी गोलियों की तड़तड़ाहट, CM हेमंत सोरेन ने लिया बड़ा फैसला

नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज में अब नहीं सुनाई देगी गोलियों की तड़तड़ाहट, CM हेमंत सोरेन ने लिया बड़ा फैसला

नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज से प्रभावित लोगों द्वारा पिछले लगभग 30 वर्षों से लगातार फायरिंग रेंज की अधिसूचना को रद्द करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था.

नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज से प्रभावित लोगों द्वारा पिछले लगभग 30 वर्षों से लगातार फायरिंग रेंज की अधिसूचना को रद्द करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था.

Jharkhand News: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज से प्रभावित लोगों द्वारा पिछले लगभग 30 वर्षों से लगातार नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज की अधिसूचना को रद्द करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था. वर्तमान में भी प्रत्येक वर्ष की भांति नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के विरोध में 22-23 मार्च को विरोध प्रदर्शन किया गया था.

अधिक पढ़ें ...

रांची. झारखंड में आदिवासियों के 30 वर्षों का संघर्ष समाप्त होगा. जी हां, नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज में अब बंदूक की गोलियों की तड़तड़ाहट नहीं सुनाई देगी. दरअसल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के समय विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के अवधि विस्तार के प्रस्ताव को विचाराधीन प्रतीत नहीं होने के बिंदु पर अनुमोदन दे दिया है.

बता दें, 1964 में शुरू हुए नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज का तत्कालीन बिहार सरकार द्वारा 1999 में अवधि विस्तार किया गया था. मुख्यमंत्री ने जनहित को ध्यान में रखते हुए नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज को पुनः अधिसूचित नहीं करने  के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की है.

राजस्व ग्रामों ने सौंपा था ज्ञापन
नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के विरोध में लातेहार जिला के करीब 39 राजस्व ग्रामों द्वारा आम सभा के माध्यम से झारखंड के राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज से प्रभावित जनता द्वारा बताया गया था कि लातेहार व गुमला जिला पांचवी अनुसूची के अन्तर्गत आता है. यहां पेसा एक्ट 1996 लागू है, जिसके तहत् ग्राम सभा को संवैधानिक अधिकार प्राप्त है. इसी के तहत नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के प्रभावित इलाके के ग्राम प्रधानों ने प्रभावित जनता की मांग पर ग्राम सभा का आयोजन कर नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के लिए गांव की सीमा के अन्दर की जमीन सेना के फायरिंग अभ्यास के लिए उपलब्ध नहीं कराने का निर्णय लिया था. साथ ही नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज की अधिसूचना को आगे और विस्तार न कर विधिवत अधिसूचना प्रकाशित कर परियोजना को रद्द करने का अनुरोध किया था.

ग्रामीण 30 वर्षों से कर रहें थे विरोध
बता दें, नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज से प्रभावित लोगों द्वारा पिछले लगभग 30 वर्षों से लगातार नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज की अधिसूचना को रद्द करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था. वर्तमान में भी प्रत्येक वर्ष की भांति नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के विरोध में 22-23 मार्च को विरोध प्रदर्शन किया गया था. अब ऐसे में अधिसूचना को आगे और विस्तार नहीं होने से आदिवासियों के 30 वर्षों का संघर्ष भी समाप्त होगा और इलाके के लोगों को गोलियों की तड़तड़ाहट नहीं सुनाई देगी.

Tags: CM Hemant Soren, Jharkhand news, Ranchi news

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर