प्रवासी मजदूरों पर दर्ज Lockdown उल्लंघन के मामले होंगे वापस, CM सोरेन ने प्रस्ताव को किया अनुमोदित
Ranchi News in Hindi

प्रवासी मजदूरों पर दर्ज Lockdown उल्लंघन के मामले होंगे वापस, CM सोरेन ने प्रस्ताव को किया अनुमोदित
रांची के सिल्ली थाना में 32 मजदूरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है. (फाइल फोटो)

झारखंड में प्रवासी मजदूरों द्वारा लॉकडाउन उल्लंघन (Lockdown violation) की कुल 30 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं जिसमें 204 मजदूरों को आरोपी बनाया गया है.

  • Share this:
रांची.कोरोना वायरस  (Corona virus) महामारी दौरान झारखंड (Jharkhand) में प्रवासी मजदूरों के विरुद्ध लॉकडाउन के प्रावधानों के उल्लंघन के चलते दर्ज किये गये सभी तीस मुकदमे वापस लिये जायेंगे. आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने प्रवासी मजदूरों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी/ अभियोजन को वापस लेने संबंधी मंत्रिपरिषद के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है. उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस संबंध में पारित आदेश के आलोक में प्रवासी मजदूरों (Migrant Workers) के विरुद्ध लॉकडाउन उल्लंघन (Lockdown violation) को लेकर दर्ज प्राथमिकी अभियोजन को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गयी है.

उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में प्रवासी मजदूरों द्वारा लॉकडाउन उल्लंघन की कुल 30 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं जिसमें 204 मजदूरों को आरोपी बनाया गया है. इसमें रांची के सिल्ली थाना में 32 मजदूरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है. वहीं, लोहरदगा जिले के विभिन्न थानों में 15 प्राथमिकी, सिमडेगा जिले में दो प्राथमिकी, जमशेदपुर में एक प्राथमिकी, चाईबासा में पांच प्राथमिकी, दुमका में एक प्राथमिकी, साहिबगंज जिले में चार प्राथमिकी और पाकुड़ जिले में एक प्राथमिकी थाने में दर्ज है. दरअसल, मार्च महीने पहली बार लॉकडाउन लगने के बाद देश के हर हिस्से से मजदूर अपने-अपने गृह राज्य पैदल ही लौट रहे थे. जबकि इस दौरान घर से निकलने पर मनाही थी. यह वजह है कि उन मजदूरों के ऊपर केस दर्ज किया गया था.

प्रवासी मजदूरों के रोजगार का मुद्दा फिर गरमाने लगा है
वहीं, बीते 19 अगस्त को खबर सामने आई थी कि राज्य में प्रवासी मजदूरों के रोजगार का मुद्दा फिर गरमाने लगा है.कई जिलों से मजदूरों के महानगरों की ओर पलायन करने की खबर आने के बाद इस पर सियासत अब गर्म हो गई. लॉकडाउन के दौरान हज़ारों प्रवासी मज़दूर महानगरों से अपने घर लौट आए थे. राज्य सरकार ने उन्हें घर में ही रोके रखने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन मज़दूरों को वो रोकने में नाकाम साबित हो रही हैं. झारखंड में प्रवासी मजदूरों के रोजगार का मुद्दा अब सियासी जुबान पर फिर गूंजने लगा है. लॉकडाउन के दौरान काम धंधा बंद होने के कारण राज्य भर के लाखों मजदूर, महानगरों से अपने घरों लौट आए थे. ऐसे हालात में राज्य सरकार ने मजदूरों को घर पर ही रोजगार उपलब्ध कराने की घोषणा कर कई योजनाओं की शुरुआत की.
ये हैं योजनाएं


-अकुशल मजदूरों के लिए मुख्यमंत्री श्रमिक योजना
- बिरसा हरित ग्राम योजना
- पोटो हो खेल विकास योजना
- नीलांबर पीतांबर जल समृद्धि योजना

राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई इन तमाम योजनाओं का घर लौटे मजदूरों पर कोई असर नहीं हुआ है. वो काम धंधे की तलाश में दोबारा महानगर लौटने लगे हैं. इन्हें योजनाओं का हवाला देकर अपने घर पर ही रोक पाना मुश्किल हो रहा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज