बिजली वितरण निगम के दावे का दम निकाल रहे हैं प्रज्ञा केन्द्र

सूबे के चार हजार प्रज्ञा केन्द्रों में बिजली बिल जमा होने का बिजली वितरण निगम का दावा पूरी तरह से दम तोड़ता नजर आ रहा है. ये वो सरकारी झूठ है, जिसे वितरण निगम ने एक हजार बार से ज्यादा बोला है. यहां तक कहा गया कि सूबे के सभी 4000 प्रज्ञा केन्द्रों में बिजली बिल जमा लिया जा रहा है. लेकिन हकीकत रांची के डोरंडा के एक प्रज्ञा केन्द्र पर सामने आ गई. यहां ईटीवी की टीम ने बिजली बिल जमा कराने की कोशिश की, तो जमा नहीं लिया गया.

Ajay Lal | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: December 7, 2017, 10:44 AM IST
बिजली वितरण निगम के दावे का दम निकाल रहे हैं प्रज्ञा केन्द्र
रांची का एक प्रज्ञा केन्द्र
Ajay Lal | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: December 7, 2017, 10:44 AM IST
सूबे के चार हजार प्रज्ञा केन्द्रों में बिजली बिल जमा होने का बिजली वितरण निगम का दावा पूरी तरह से दम तोड़ता नजर आ रहा है. ये वो सरकारी झूठ है, जिसे वितरण निगम ने एक हजार बार से ज्यादा बोला है. यहां तक कहा गया कि सूबे के सभी 4000 प्रज्ञा केन्द्रों में बिजली बिल जमा लिया जा रहा है. लेकिन हकीकत रांची के डोरंडा के एक प्रज्ञा केन्द्र पर सामने आ गई. यहां ईटीवी की टीम ने बिजली बिल जमा कराने की कोशिश की, तो जमा नहीं लिया गया.

ईटीवी की टीम डोरंडा के बाद बूटी मोड़ का रूख किया. यहां के एक अन्य प्रज्ञा केन्द्र पर भी टीम ने बिजली बिल जमा कराने की कोशिश की. लेकिन काउन्टर पर बताया गया कि यहां पर बिजली बिल जमा नहीं होता. अंदर जाने पर बहाना बनाया गया कि सीनियर नहीं है, इसलिए जमा नहीं लिया जाएगा.

इस बाबत जब सीओ से बात की गई तो उन्होंने खुद को ऐसी किसी जानकारी से अनभिज्ञ बताया. हालांकि उन्होंने ये आशंका जताई कि तकनीकी कारणों से बिल जमा नहीं लिया जाता हो. पर वो इस सिलसिले में जानकारी प्राप्त करेंगे.

प्रशासनिक दावे के मुताबिक प्रज्ञा केन्द्रों पर जाति, आवासीय प्रमाण पत्र से लेकर सरकारी योजनाओं के लगान और बिजली बिल तक के काम होते हैं. लेकिन बिजली बिल जमा लेने के दावे ईटीवी की पड़ताल में खोखले साबित हुए.

 

 

 

 

 

 

 
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